बिहार(BIHAR): बिहार में अब तक 40 से अधिक कंपनियों ने आइटी क्षेत्र में निवेश करने का प्रस्ताव दिया है. जिसमें से लगभग 20 कंपनियों के साथ सहमति बन गयी है. आइटी, आइटीइएस, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्यूफैक्चरिंग (इएसडीएम), डेटा सेंटर, ड्रोन, लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों समेत कई अन्य कंपनियां निवेश के लिए विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं. बिहार आइटी नीति 2024 के तहत निवेश का लाभ के लिए 10 बड़ी आइटी कंपनियों ने विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाया है. साथ ही अन्य 10 आइटी कंपनियां अपने निवेश प्रस्ताव के साथ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हैं.
इन कंपनियों ने दिया है प्रस्ताव
विभाग के मुताबिक जय श्री टेक्नोलॉजीज (हेलोवेयर), सुपरसेवा, एक्सेल डॉट, एवीपीएल सहित अन्य कंपनियां है, जो राज्य में निवेश करेंगी और इसके बाद राज्य में कंप्यूटर, लैपटॉप ड्रोन, सोलर पैनल आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की मैन्युफैक्चरिंग हो पायेगा.
राज्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर लौटने के इच्छुक
विभाग के मुताबिक अगर कोई कंपनी 100 करोड़ रुपए निवेश करती है तो उसे 70 करोड़ रुपए तक इंसेंटिव के तौर पर लाभ मिलता है अन्य राज्यों की तुलना में आइटी सेक्टर में निवेश करने पर मिलने वाला यह सबसे ज्यादा इंसेंटिव है. कंपनियों के साथ विभाग एमओयू करेगा. पटना में 10 लाख वर्ग फुट से अधिक का प्लग एंड प्ले कार्यालय जगह उपलब्ध है. यहां आइटी प्रोफेशनल का एक बड़ा पुल है. राज्य में बही संख्या में सॉफ्टवेयर, आइटी इंजीनियर राज्य में वापस लौटने की इछुक हैं.
दूसरे राज्यों में निवेशक बढ़ाने के लिए रोड शो
बिहार आइटी नीति 2024 के तहत राज्य में तेजी से निवेश बढ़ रहा है. कंपनियों राज्य में निवेश को लेकर रूचि दिखा रही हैं और सरकार की तरफ से भी उन्हें हरसंभव मदद दी जा रही है. आइटी सेक्टर में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार का सुजन होगा और विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को बिहार में राजगार मिल सकें. आइटी क्षेत्र में निवेश करने के लिए विभाग के अधिकारी दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर जैसे शहरों में रोड शो कर रहे है ताकि बड़ी-बड़ी कंपनिया बिहार में निवेश करें.
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट
