बिहार के डिप्टी CM विजय सिन्हा ने दो EPIC कार्ड रखने के मामले में सोशल मीडिया पर दी सफाई,तेजस्वी और राहुल गांधी पर किया पलटवार…

बिहार के डिप्टी CM विजय सिन्हा ने दो EPIC कार्ड रखने के मामले में सोशल मीडिया पर दी सफाई,तेजस्वी और राहुल गांधी पर किया पलटवार…

बिहार(BIHAR): विपक्ष के नेता सह पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के आरोप पर पलटवार करते हुए बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया में पोस्ट लिखकर कहा कि “झूठ की बुनियाद पर राजनीति करने वालों को जनता हर बार जवाब देती है.”

जंगलराज के युवराज तेजस्वी यादव जी ने मुझ पर दो EPIC नंबर रखने का आरोप लगाया है। साफ कर दूं कि मैं हमेशा एक ही जगह से वोट करता आया हूं और करूंगा।

पहले मेरा और मेरे पूरे परिवार का नाम पटना में था। अप्रैल 2024 में मैंने लखीसराय विधानसभा में नाम जोड़ने और पटना (बांकीपुर) से नाम विलोपित करने का आवेदन किया।

30 अप्रैल 2024 को ऑनलाइन विलोपन फॉर्म भरा, लेकिन 27 जून 2024 को प्रशासनिक कारण से रिजेक्ट हो गया। इसके बाद BLO को बुलाकर लिखित आवेदन दिया और उसकी रसीद मेरे पास है। पिछली बार भी मैंने केवल लखीसराय से ही वोट डाला था और इस बार भी वही किया है।

पूरे बिहार को पता है कि वर्तमान सूची फाइनल लिस्ट नहीं है। चुनाव आयोग ने स्वयं 1 सितंबर तक राजनीतिक पार्टियों और आम जनता को समय दिया है, ताकि त्रुटियों को सुधारा जा सके, नाम जोड़े या हटाए जा सकें। इसमें हड़बड़ाने की क्या आवश्यकता है? जिन्हें भी आपत्ति या दिक्कत होगी, वे सभी अपना सुधार करवा सकते हैं।

जहां तक मेरा सवाल है — मैंने स्वयं 2024 में विलोपन का आवेदन दिया था, तो उसे 2025 में वापस क्यों रखूंगा? जबकि 05 अगस्त को ही दोबारा विलोपन का आवेदन दे दिया गया है।

मेरे सभी शैक्षणिक दस्तावेजों से लेकर चुनावी हलफनामे तक, जन्मतिथि 05 जून 1967 दर्ज है। इसी आधार पर लखीसराय की मतदाता सूची में दर्ज 58 वर्ष की आयु पूरी तरह सही है।

यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया है और नाम जोड़ने से लेकर विलोपित करने तक की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा दिए गए समय तक लगातार चलती रहती है। इस पूरी प्रक्रिया में मैंने एक ईमानदार जनसेवक की भूमिका निभाई है और प्रशासन को हर स्तर पर सहयोग किया है। लेकिन तेजस्वी यादव, सच्चाई जानते हुए भी झूठ फैलाकर वही कर रहे हैं, जैसे कहावत है — चोरबोलेजोर_से।

तेजस्वी जी, कृपया इस तरह की ओछी राजनीति न करें। यह बिलकुल निंदनीय है और किसी भी तरह से संवैधानिक पद की गरिमा को नहीं दर्शाता।

लेकिन जिनका राजनीतिक करियर ही फर्जीवाड़े और भ्रम फैलाने पर टिका है, वो क्या करेंगे?

RJD के युवराज तेजस्वी यादव खुद अलग EPIC नंबर बोलते हैं और दूसरे नंबर से वोट डालते हैं, फिर भी उपदेश देने खड़े हो जाते हैं।

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी — जिनकी पार्टी ने 60 साल से ज्यादा देश को और तेजस्वी यादव के राजद ने 15 साल बिहार में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और कुशासन के हवाले किया — वही लोग हैं जो #बिहारकेहरबूथसेजिन्ननिकालाकरतेथे और अब चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को चोट पहुँचा रहे हैं।

ये वही लोग हैं जिन्होंने बिहार और पूरे देश को अंधेरे में रखा और आज भी जनता को बहकाने की कोशिश कर रहे हैं।

मैं संवैधानिक पद पर हूं, इसलिए मुझ पर राजनीतिक प्रहार स्वाभाविक हैं, लेकिन मैं साफ कहता हूं कि संवैधानिक संस्थाओं पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है। 2005 से आज तक, जनता की सेवा और विश्वास ही मेरी ताकत है।

NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

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