बिहार की सियासत में नया मोड़, सर्वे से आई चौंकाने वाली बातें…

बिहार की सियासत में नया मोड़, सर्वे से आई चौंकाने वाली बातें…

बिहार(BIHAR):बिहार की राजनीति हमेशा से तूफानी हवाओं की तरह रही है, कभी नीतीश की ठंडी छांव, तो कभी लालू की गरम आंधी। और अब इस राजनीति के आकाश पर एक नया नाम चमक रहा है, प्रशांत किशोर (PK)। कभी चुनावी रणनीतिकार, आज नेता और उनका ऐलान, “जन सुराज पार्टी राज्य की सभी 243 सीटों पर लड़ेगी” ने बिहार की गलियों से लेकर चौपालों तक चर्चा छेड़ दी है।

जन सुराज के मैदान में उतरने से उठे सवाल
गांव-गांव, कस्बे-कस्बे में यही गूंज, “PK किसका खेल बिगाड़ेंगे? नीतीश का, या महागठबंधन का?” चाय की दुकानों पर लोग उंगलियों पर जोड़-घटा कर रहे हैं, जैसे गणित की किताब में कोई नया सवाल आ गया हो। वोट वाइब सर्वे की तस्वीर सामने आई है, सर्वे का दावा है कि अगर जन सुराज ने महागठबंधन के वोट काटे और 10% वोट मिलते हैं, और इनमें से आधे यानी 5% महागठबंधन से कटते हैं। नतीजा, महागठबंधन गिरकर 34% पर, और NDA बढ़कर 42% पर। मतलब साफ है कि नीतीश की सरकार फिर बन सकती है।

अगर NDA के वोट कटे और जन सुराज ने अगर NDA से ही 5% वोट ले लिये, तब महागठबंधन पहुंचेगा 39% पर, और NDA 37% पर फिसल जायेगा। इस बार फायदा “इंडिया गठबंधन” को। अगर PK दोनों बड़े गठबंधनों से 2.5%-2.5% और छोटी पार्टियों से 5% वोट ले गये तो फिर NDA के हक में। यानी खेल पलटने की ताकत PK के हाथों में है।

युवाओं की नब्ज पकड़ने की कोशिश
सर्वे की मानें तो 18 से 24 साल के 20% युवा PK की ओर खिंच सकते हैं। जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। युवाओं के सपनों को मुद्दा बनाने की रणनीति है। दोनों बड़े गठबंधनों की नींद हराम करने के लिये काफी है।

गांव की चौपाल से पटना की गलियों तक
गांव में खाट पर बैठे बुजुर्ग कहते हैं कि “बाबू, एही बार नया खेल होई, ई PK सबके हिसाब गड़बड़ कर देतइ।”
वहीं पटना के कैफे में बैठे युवा बोल उठते हैं, “कम से कम अब तो तीसरा विकल्प है, वरना वही पुराना खेल चलता रहता।” बिहार की सियासत का मैदान अब और गरम हो चुका है। PK का हर कदम, न सिर्फ सीटों का हिसाब बदल सकता है, बल्कि लोगों की उम्मीदों का समीकरण भी। अब असली सवाल यही है, क्या PK बिहार में ‘किंगमेकर’ बनेंगे या ‘किंग’…?

NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *