बिहार(BIHAR): यूपी पुलिस की पूछताछ के दौरान आयुष ने अपनी गर्लफ्रेंड से बात कराई, जो बिहार के बेगूसराय जिले की रहने वाली है। गर्लफ्रेंड बुधवार दोपहर कानपुर पहुंची और पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसे आयुष से मिलवाया गया। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू बह निकले। वह फूट-फूटकर रोने लगा और बार-बार कहता रहा, ‘मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।’
रुपयों के लालच में अपनी किडनी बेचने वाला बिहार का एमबीए छात्र आयुष कुमार इन दिनों हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। उसकी हालत जो भी देखता है उसका दिल टूट जाता है। पुलिस जब उसे उसके परिजनों को सूचित करने की बात करती है तो आयुष पुलिसवालों के पैर पकड़कर रोने लगता है। वह बार-बार कहता है, ‘सर, मेरी मां को कुछ मत बताना। मैंने नौकरी करने की बात कहकर घर से कानपुर आने का बहाना बनाया था।’
पुलिस की पूछताछ के दौरान आयुष ने अपनी गर्लफ्रेंड से बात कराई, जो बिहार के बेगूसराय जिले की रहने वाली है। गर्लफ्रेंड बुधवार दोपहर कानपुर पहुंची और पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसे आयुष से मिलवाया गया। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू बह निकले। वह फूट-फूटकर रोने लगा और बार-बार कहता रहा, ‘मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।’ गर्लफ्रेंड ने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरा, आंसू पोंछे और दिलासा देते हुए कहा कि सब ठीक हो जाएगा। दोनों एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं- देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में। आयुष चौथे सेमेस्टर में है जबकि उसकी गर्लफ्रेंड दूसरे सेमेस्टर में पढ़ रही है।
आयुष ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई की फीस जमा न कर पाने के कारण वह दो महीने से बेहद परेशान था। घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है। पिता का देहांत हो चुका है। घर की जमीन गिरवी रखी हुई है, जिसके चलते लोन भी नहीं मिल रहा था। साइबर ठगों के चंगुल में फंसकर उसने मुले अकाउंट भी खुलवाया, लेकिन वहां से भी 20 हजार रुपये नहीं मिले। ऐसे में जब एजेंट शिवम अग्रवाल से मुलाकात हुई तो वह उसके झांसे में आ गया। आयुष का कहना है कि 6 लाख रुपये में किडनी बेचने का सौदा हुआ था। आधा पैसा नकद और बाकी ऑपरेशन के बाद देने का वादा किया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद सिर्फ साढ़े तीन लाख रुपये ही उसके खाते में डाले गए। बाकी पैसे अब भी नहीं मिले हैं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

