बिहार(BIHAR) : बिहार एनडीए सरकार के आखिरी बजट को लेकर मचा सियासी घमासान… विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू है.सोमवार 3 मार्च को एनडीए सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट पेश होगा.. बजट सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दावा किया कि इस बार का बजट बिहार के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा. दिलीप जायसवाल ने कहा, “इस बार बजट सत्र बहुत ही अच्छा चलेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘प्रगति यात्रा’ में बिहार के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति दी है. यह बजट आने वाले समय में बिहार के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इस बजट में बिहार के विकास का पूरा रूपरेखा तय होगा.
आरजेडी नेताओं का कहना है कि यह एनडीए सरकार का अंतिम बजट है. एनडीए ने 20 सालों तक शासन किया, अब यह अंतिम बजट है. इसके बाद अगले साल से तेजस्वी यादव बजट पेश करेंगे. बिहार में अभी सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, अराजकता की स्थिति बनी हुई है. सिपाही से लेकर डीजीपी तक कोई नियंत्रण करने या देखने वाला नहीं है. बिहार में पूरा भ्रष्टाचार मचा हुआ है. राज्य में अपराध बढ़ रहा है. पहले राज्य में अपराध की संख्या एक लाख से कम होती थी, तो विपक्ष की तरफ से जंगलराज की संज्ञा दी जाती थी, लेकिन आज भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार यह संख्या तीन लाख से ऊपर है.
विपक्ष के नेता जन सरोकार के तमाम मुद्दे मजबूती और एकता के साथ उठाएंगे और बिहार में अराजक स्थिति नहीं रहने देंगे.” उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया. 2023-24 के लिए अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्तमान मूल्य पर 8,54,429 करोड़ रुपये और 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 4,64,540 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. इसमें तृतीयक क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है, जो 58.6 प्रतिशत है. इस साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार चुनाव होने का अनुमान है. ऐसे में बिहार की जनता को इस वर्ष पेश होने वाली बजट से काफी उम्मीदें हैं.
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

