बस से सफर करना कोलकाता के एक वेवसाई को पड़ा महँगा…सोने और चांदी के आभूषण के साथ दो लाख रुपए से भरी ट्रॉली बैग बस से हुई गायब…

बस से सफर करना कोलकाता के एक वेवसाई को पड़ा महँगा…सोने और चांदी के आभूषण के साथ दो लाख रुपए से भरी ट्रॉली बैग बस से हुई गायब…

अपनी डॉक्टर बेटी की शादी करने बिहार के मुजफ़रपुर जा रहा था कोलकाता का वेवसाई मोतिवुर रहमान…बेटी सोसल मिडिया तो पिता झारखंड धनबाद पुलिस के दफ़्तरों के चक्कर काट लगा रहा न्याय की गुहार…

कोलकाता(KOLKATA): कोलकाता की रहने वाली डॉक्टर सदफ तबस्सुम का एक विडिओ सोसल मिडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिस विडिओ मे डॉक्टर झारखंड सरकार ही नही बल्कि झारखंड की धनबाद पुलिस से हाँथ जोड़कर यह बिनती करते हुए नजर आ रही है की वह उनके बीमार चल रहे वेवसाई पिता मोतिवुर रहमान को न्याय दिलाने की कृपा करें वह पिछले दस दिनों से झारखंड धनबाद के गोबिंदपुर थाने का चक्कर काट रहे हैं, गोविंदपुर थाना अंतर्गत न्यू माँ तारा होटल के सामने खड़ी कोलकाता से बिहार के मुजफ़रपुर जाने वाली जय माता दि बस से उनका करीब एक करोड़ रुपए का सोने चांदी का आभूषण चोरी कर लिया गया है, डॉक्टर की अगर माने तो उनकी शादी बाइस दिसंबर को होने वाली थी..

जिसके लिये उनके पिता मोतिवुर रहमान ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी से बने करीब एक करोड़ की लागत से बने सोने और चांदी के आभूषण के साथ दो लाख रुपए कैश लेकर 19 नवंबर को कोलकाता के बाबुघाट से शाम करीबन चार बजे जय माता दि नाम की एक वॉल्वो बस से रवाना हुए थे, जिसका नंबर BR06PF3551 है, बस जब झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर थाना इलाके मे स्थित न्यू माँ तारा होटल रात करीबन 11 बजकर 15 मिनट पर पहुँची तब बस मे सवार सभी यात्री खाना खाने के लिये बस से निचे उतरे बस चालक और बस के खलासी के बार -बार कहने पर मोतिवुर रहमान भी अपने बेटे के साथ खाना खाने के लिये बस से निचे उतर गए, जैसे ही वह खाना खाकर बस मे वापस आए उनका आभूषनों से भरा ट्रॉली बैग गायब हो गया, मोतिवुर रहमान और उनके बेटे ने बस चालक और बस के खलासी से उनके आभूषनों से भरा ट्रॉली बैग गायब होने की बात कही और यह कहा की उनके बार -बार कहने पर वह बस से खाने के लिये निचे उतरे, उन्होंने यह भी कहा जब वह बस से नही उतर रहे थे तब उनको बस की सफाई करने की बात कहकर बस से निचे उतारा गया, ऐसे मे उनका समान कैसे चोरी हो गया..

उनके समान की सुरक्षा की जिम्मेवारी किसकी है, मोतिवुर रहमान बस चालक से बार -बार यह बिनती करते रहे की वह बस को गोबिंदपुर थाने ले चले जहाँ वह शिकायत दर्ज करवाएंगे पर बस चालक ने मोतिवुर रहमान की एक नही सुनी और बस स्टार्ट कर घटना स्थल से बस को बिहार मुजफ़रपुर के लिये रवाना कर दिया, ऐसे मे वेवसाई मोतिवुर रहमान ने 100 पर फोन कर अपने साथ घटी घटना को बताया, साथ ही गूगल पर गोबिंपुर थाना का नंबर ढूढ़ थाना प्रभारी को भी पूरी घटना का विस्तार पूर्वक विवरण दिया, जिसके बाद गोबिंदपुर थाना प्रभारी ने मोतिवुर रहमान को यह आश्वासन देते हुए कहा की वह अपने घर जायें और वह अपनी बेटी की शादी करके वापस आएँ वह उनकी मदद करेंगे और उनकी चोरी हुई सोने चांदी के तमाम आभूषनों को वापस करवाने की कोसिस करेंगे..

गोबिंदपुर थाना प्रभारी के आश्वासन पर मोतिवुर रहमान बिहार के मुजफरपुर चले गए,इस दौरान गोबिंदपुर थाना के कहने पर धनबाद से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर बिहार के बरही टोल प्लाजा के पास बिहार पुलिस ने बस को रोका और बस की तलासी ली गई पर चोरी हुआ आभूषनों से भरा बैग नही मिला, जिसके बाद बीस तारिख को सुबह करीबन साढ़े आठ बजे बस मुजफ़रपुर पहुँच गई, जहाँ मोतिवुर रहमान अपनी बाकि के सामान के साथ बस से निचे उतर गए वहीं उन्होंने अपनी डॉक्टर बेटी की बाइस दिसंबर को शादी तो की पर उनके सारे अरमानों पर पानी फिर गया, क्योंकि उनकी डॉक्टर बेटी की शादी मे उनकी डॉक्टर बेटी बिन गहनो के ही शादी के मंडप मे बैठी, बेटी के साथ -साथ उनके पुरे परिवार के महिलाएं भी बिन गहनो के पुरे शादी समारोह को ख़त्म किया, क्योंकि गहनो से भरा जो बैग चोरी हुआ था उस बैग मे उनकी डॉक्टर बेटी के गहनो के साथ -साथ उनके परिवार के अन्य महिला सदस्यों के भी गहने थे..

यूँ कहें तो वेवसाई मोतिवुर रहमान के पुरे परिवार के तमाम सपने टूट कर चकनाचूर हो गए, मोतिवुर रहमान ने अपनी डॉक्टर बेटी की शादी तो तय समय पर पूरी कर दि पर उनके व उनके परिवार के अरमान पुरे नही होने के कारण वह गहरे सदमे मे पड़ गए हैं और पिछले दस दिनों से झारखंड धनबाद के गोबिंदपुर थाना के सामने न्याय मिलने व अपने चोरी हुए गहनो को वापस पाने की आस मे टकटकी लगाए हुए हैं, यह सोंचकर की धनबाद पुलिस बस से चोरी हुई उनके करोड़ों के ज़ेवर और कैश ढूंढ़ निकालेगी और वह उन जेवरों को अपनी बेटी और अपने परिवार को वापस दे सकेंगे, मोतिवुर रहमान कहते हैं की अगर उनको उनका चोरी हुआ समान वापस नही मिला तो वह थाने के सामने ही अपनी जान दे देंगे, क्योंकि बस से जो कुछ भी सामान उनका चोरी हुआ है, वह उनकी जीवन भर की गाढ़ी कमाई है, जिसको कमाने के लिये उन्होने अपनी पूरी जिंदगी बर्बाद लगा दि जब वही उनको नही मिलेगा तो उनको जीने का कोई फायदा नही..

मोतिवुर रहमान ने यह उनके साथ घटी घटना को लेकर गोविंदपुर थाने मे यह शिकायत की है की उनके साथ जो कुछ भी घटना घटी है, वह घटना सुनियोजित तरीके से घटी है, उनके पास कुल 20 बैग था, जिसमे से सात बैग बस के अंदर उनके बर्थ के पास था जिसमे से एक बैग मे वह अपनी डॉक्टर बेटी व अपने परिवार के कुछ लोगों का आभूषण के साथ दो लाख रुपए कैश रखे थे, ऐसे मे बस चालक और बस के उप चालक सहित बस के खलासी के द्वारा खाना खाने के लिये बार -बार प्रेसर देना खाना खाने नही जाने पर उनको बस मे सफाई करने के नाम पर बस से उन्हे निचे उतारना, बस मे उनकी गैर मौजूदगी के दौरान बस के गेट के पास दानकुनी से चढ़े एक यात्री का खड़ा रहना..

आभूषण चोरी होने के बाद उस यात्री को थाने मे गवाह देने के लिये बार -बार पेस करना, जिस होटल मे खाना खाने के लिये बस रुकी थी उस होटल का सीसीटिवी कैमरा का बंद होना, गोबिंदपुर थाना प्रभारी द्वारा उनका सामान वापस लौटा दीये जाने का आश्वासन देकर जाँच के नाम पर अब उनको थाने का चक्कर कटवाना ऐसे कई सवाल हैं जिस सवाल का जवाब मोतिवुर रहमान जानना चाहते हैं उनका यह मानना है की उनके इसी सवाल के पीछे उनको न्याय मिलने का रास्ता छुपा है, पर उनके इन सवालों का जवाब देने वाला कोई नही यही कारण है की गोबिंदपुर थाने के बाहर वेवसाई पिता तो कोलकाता मे उनकी डॉक्टर बेटी सोसल मिडिया पर झारखंड सरकार व धनबाद पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहे हैं…

NEWSANP के लिए कोलकाता से अमरदेव की रिपोर्ट

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