दिल्ली(DELHI) :बसंत पंचमी को हिंदू धर्म में विद्या, ज्ञान, वाणी, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व माना जाता है। यह दिन बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक होता है और इसे श्री पंचमी तथा सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस दिन पंचमी तिथि सूर्योदय से लेकर मध्याह्न तक बनी रहती है, वह दिन सरस्वती पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी।
बसंत पंचमी 2026 की तिथि और पंचांग स्थिति
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में पंचमी तिथि की शुरुआत 23 जनवरी को तड़के 02:28 बजे होगी, जबकि इसका समापन 24 जनवरी को मध्य रात्रि 01:46 बजे होगा। उदयातिथि को मान्यता दिए जाने के कारण बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी को ही मनाया जाएगा। इसी दिन मां सरस्वती की पूजा, विद्यारंभ और शैक्षणिक कार्यों की शुरुआत को शुभ माना जाता है।
सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त
बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा के लिए सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक का समय श्रेष्ठ माना जा रहा है। यह अवधि पूजा, आराधना और विद्या से जुड़े कार्यों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इसी दौरान सुबह 09:19 बजे से 10:40 बजे तक का समय अमृत काल के रूप में देखा जा रहा है, जिसे पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

