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राजनीतिक घरानों की चक्की में बेचारे सिपहसालार, तलवार की धार पर जामताड़ा पुलिस, पूर्व और वर्तमान का जलवा , माननीयों के रहमो करम पर कटेगा पांच साल
जामताड़ा(JAMTARA): विधानसभा चुनाव 2024 के बाद जामताड़ा पुलिस दो धारी तलवार के धार पर अटक गई है। मामला कर्माटांड थाना के कजरा मोड़ की है। जब मतदान के पूर्व देर रात में खूनी संघर्ष हुआ। जिसमें वर्तमान सत्ता पक्ष के समर्थकों की जबरदस्त धुनाई हुआ। इसका आरोप सारठ के पूर्व विधायक के समर्थकों पर लगा है..
इस मामले में पुलिस बेचारी बनी है। मामले में राजनीति की वर्तमान व्यवस्था ने पुलिस के हाथ पैर को जकड़ लिया है। लिहाजा महिनों बाद भी हाथ पैर तुड़वाकर चारपाई पकड़ने वाले को न्याय नहीं मिला हैं। दो युवक जीवन के बहुमूल्य समय चारपाई पर बिता रहे हैं। आलम यह है कि चाह कर भी जामताड़ा पुलिस उनके जख्म पर मरहम पट्टी नहीं कर पा रही है। अलबत्ता जिनके लिए इनका यह हाल हुआ..
उस पक्ष के समर्थकों में बेचैनी है। जो तुफान के पहले जैसी शांत दिखाई देने लगा है।जामताड़ा जिले के सूदूरवर्ती गांव का यह मामला आने वाले हेमंत सोरेन सरकार के अगले पांच वर्षों का ब्लूप्रिंट जैसा दिखता है। इसके लिए जामताड़ा और सारठ विधानसभा में स्थापित राज परिवारों के आत्मीय संबंध को पहले समझना होगा। भारत के परिपक्व प्रजातंत्र में इसे बानगी मान लिया जाए। तो संपूर्ण देश लगभग इसी सिद्धांत पर स्थित है। जो प्रजातंत्र को राजतंत्र बनाता है..
इनके माया जाल में लोग फंसते हैं। तब यहां से इन्हें परमात्मा भी नहीं निकाल पा रहें हैं। राजघराने के दस्तूर में सिपहसलारों के बलिदान की लंबी कतार है। अब देखिए जामताड़ा के पूर्व विधायक फुरकान अंसारी और सारठ के पूर्व और वर्तमान विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह मित्र हैं। दोनों ने लंबे समय तक एक दूजे का भरोसा जीता है। अखंड बिहार और झारखंड में इनकी मित्रता की चर्चा लोग चाव से करते हैं। वहीं वर्तमान मंत्री इरफान अंसारी और पूर्व मंत्री रणधीर सिंह के मित्रता की चर्चा परवान पर है..
आजकल इनकी दोस्ती की चर्चा कर लोग ठंढी सांस लेते हैं। वैसे में झारखंड सरकार में केबिनेट मंत्री इरफान अंसारी के मित्र रणधीर सिंह के समर्थको पर मामले का आरोपी हैं। वहीं मंत्री इरफान अंसारी के आजिज अब्बा हुजूर के दोस्त के समर्थकों की जबरदस्त धुनाई हुआ है। ब्रेक के बाद आगे की उलझन सुलझाओपुलिस सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें स्मार्ट निर्देश दिया है। इसके लिए घायल युवकों के स्वस्थ होने का इंतजार करना होगा। उनके स्वस्थ होने पर नुकसान की भरपूर भरपाई का इंतजाम सभी पक्ष करेंगे। अर्थात राज परिवारों के हनक और अंहकार में एक और मामला शिष्टाचार बन दम तोड़ने की पगदंडी पर चल निकली..
इसका एक और तथ्य रोचक है।विधानसभा चुनाव 2024 की पूर्व देर रात में खूनी संघर्ष हुआ। चुनाव के दिन राम रतन मंडल के बुथ 320/321 हेट कर्माटांड़ पर चुन्ना सिंह को 516 बीजेपी 332 को मिला। मुस्लिम डोमिनेट गांव है।रंजीत मंडल के बुथ पर चुन्ना सिंह को और बलराम मंडल के बुथ 324 प्राथमिक विद्यालय डुमरिया 505 बुजेपी, झामुमो के चुन्ना सिंह को मात्र159 वोट मिला। रामदेव मंडल तेतुलबंधा मझलाडीह बीजेपी 366, झामुमो के चुन्ना सिंह को 134 वोट से संतोष करना पड़ा।चरघड़ा बुथ संख्या 327 बीजेपी 325 झामुमो के चुन्ना सिंह को 131 वोट ही मिला..
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

