उत्तर प्रदेश(UP) : कभी वर्दी का रौब, कभी अफसर बनने का झूठा गुरूर और भरोसे की जमीन पर खड़े बेरोजगार युवाओं के सपनों को लूटने वाला शातिर आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया। यूपी पुलिस ने बर्खास्त सिपाही अजय कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर उस ठगी के खेल पर पर्दा उठा दिया, जो महीनों से युवाओं की उम्मीदों से खिलवाड़ कर रहा था। बर्खास्त सिपाही अजय कुमार जायसवाल पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को अधिकारी बताता था। बेरोजगार युवाओं से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठता था। खुद को NSSO का बड़ा अधिकारी बताकर भरोसा जीतता था। बस्ती में जब ठगी के शिकार लोगों से उसकी बहस हुई, तो किसी ने वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस तक शिकायत पहुंची और खेल खत्म हो गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले गाजीपुर में यूपी पुलिस में तैनात था, लेकिन बर्खास्त हो चुका था। अलग-अलग जिलों में आरोपी के खिलाफ कुल 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में उसका आपराधिक इतिहास पहले से मौजूद था। फिर भी वह वर्दी पहनकर भोले युवाओं को शिकार बनाता रहा। इल्जाम है कि रुपये लेने के बाद युवाओं को वह फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर थमा देता था। नये ‘शिकार’ की तलाश में घूमते वक्त पुलिस ने उसे धर दबोचा।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

