बदनसीबी : जमीन से 400 फीट ऊपर था विजय माल्या का ‘हवा महल’, कभी रहने का नहीं मिला मौका…

बदनसीबी : जमीन से 400 फीट ऊपर था विजय माल्या का ‘हवा महल’, कभी रहने का नहीं मिला मौका…

बेंगलुरु(BENGLURU): इस स्काई-विला में ओपन स्विमिंग पूल, प्राइवेट हेलीपैड, 360 डिग्री व्यू और तमाम लक्जरी सुविधाएं मौजूद हैं. यह बंगला कभी भारत के लिकर किंग कहे जाने वाले भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का सपना था. विजय माल्या का स्काई विला बेंगलुरु में किंगफिशर टावर्स के ऊपर बना हुआ है, जो यूबी सिटी में स्थित है. यह 33 मंजिला इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित है और इसका एरिया लगभग 40,000 वर्ग फीट है. इस स्काई-विला में निजी लिफ्ट, पर्सनल लॉबी और होम ऑफिस भी हैं.
करीब 4.5 एकड़ में फैले किंगफिशर टॉवर्स में कुल 33 फ्लोर और 81 अपार्टमेंट हैं. इसकी सबसे ऊपरी मंजिल पर माल्या ने अपने लिए यह सफेद रंग का पेंटहाउस बनवाया था. इस स्काई-बंगले का एरिया लगभग 40,000 वर्ग फीट है. इसे माल्या ने अपनी जरूरतों और पसंद के अनुसार डिजाइन कराया था.
यहां उसकी निजी लिफ्ट, पर्सनल लॉबी और होम ऑफिस भी हैं. लेकिन यह विडंबना ही है कि माल्या कभी इस घर में रह ही नहीं सका.
‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ कहलाने वाले विजय माल्या ने इस बंगले को बेहद शौक से बनवाया था. इसे बनाने वाली कंपनी प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स के चेयरमैन इरफान रजाक के मुताबिक, 33 मंजिला इमारत के ऊपर इतना बड़ा पेंटहाउस बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था.
इस आलीशान टॉवर में देश के कई दिग्गज कारोबारी रहते हैं. इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति, लेखिका सुधा मूर्ति, जेरोधा के निखिल कामत और बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ जैसे उद्योगपतियों ने यहां फ्लैट खरीदे हैं. हर अपार्टमेंट करीब 8000 वर्ग फीट में फैला है, जिनकी शुरुआती कीमत 20 करोड़ रुपये से है.
इस पेंटहाउस की अनुमानित कीमत लगभग 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 170 करोड़ रुपये है. लेकिन विजय माल्या को इसमें रहने का अवसर नहीं मिला. बैंक कर्ज मामलों में फंसे माल्या देश छोड़कर लंदन भाग गया, जहां वह अपने बेटे और बहू के साथ एक अन्य बंगले में रह रहा है.

NEWSANP के लिए बेंगलुरु से ब्यूरो रिपोर्ट

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