कोलकाता(KOLKATA): कोलकाता से करीब 75 किमी दूर गोबरडांगा गांव के घर-घर में कलाकार बसते हैं। इसी वजह से गोबरडांगा को बंगाल का ‘आर्ट विलेज’ और ‘नाट्य ग्राम’ भी कहा जाता है। यहां करीब 30 नाट्य समूह हैं और पूरे साल नाटकों का मंचन होता रहता है। बीते 19 से 25 दिसंबर तक 12वां नेशनल थिएटर फेस्टिवल का आयोजन किया गया था। इसमें देश भर से अनेक रंगकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसमें मशहूर रंगकर्मी व फिल्म-अभिनेता अवतार साहनी और भारतेंदु नाटक अकादमी के प्रमुख विपिन कुमार शामिल हुए। कई विदेशी दर्शक भी गोबरडांगा आते रहते हैं। यहां बांग्ला के अलावा हिंदी और दूसरी भाषाओं में भी नाटकों का मंचन किया जाता हैं.यहां बच्चे बचपन से ही अभिनय सीखने लगते हैं। यहां 1977 में रूपांतर नाट्य संस्था स्थापना के बाद से ही नाटकों के प्रति लोगों का लगाव बढ़ता गया। आज नाट्यमंचन देश-विदेश में गोबरडांगा की पहचान बन गया है। यहां की कलाकार भूमिसुता दास कई देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी है…
NEWSANP के लिए कोलकाता से ब्यूरो रिपोर्ट

