धनबाद(DHANBAD): भारत को 2027 तक फाइलेरिया मुक्त देश बनाने के लक्ष्य के साथ 10 फ़रवरी से ही मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम 25 फ़रवरी तक चलेगा। इसके तहत धनबाद में 26 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य लिया गया है. ऐसे में लक्ष्य प्राप्ति को लेकर
एसएसएलएनटी कॉलेज की छात्राओं ने भी जोर लगाया है। छात्राओं ने आज शहर में जागरूकता रैली निकाली एवं लोगों को फाइलेरिया बीमारी से अवगत कराते हुए फाइलेरिया रोधी दवा के फायदे बताए।
छात्रा प्रिया गिरी ने बताया कि अपने आसपास स्वच्छता रखने तथा सही समय पर दवा लेने से फाइलेरिया बीमारी से बचा जा सकता है.फाइलेरिया के लक्ष्ण काफ़ी देर से दिखाई देते हैं ऐसे में सतर्क रहने और सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे दवा का सेवन करना जरुरी है।
बता दें कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले के 2262 बूथ पर 4583 दवा प्रशासक द्वारा दवाएं दी जा रही है.स्वास्थ्य विभाग पहले ही यह समझा चुकी है कि दवाई लेने के बाद यदि किसी व्यक्ति के शरीर में माइक्रो फाइलेरिया की मौजूदगी होगी तो उसे सरदर्द, बुखार होने की संभावना है।फाइलेरिया दिव्यांगता पैदा करने वाली द्वितीय सबसे बड़ी लाईलाज बीमारी है। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान वर्ष में एक बार डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का खुराक लेने से इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

