धनबाद(DHANBAD): अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्राइवेट स्कूलों में बढ़ती मनमानी के खिलाफ आवाज़ उठाई है उनका कहना है कि कई स्कूल “री-एडमिशन” के नाम पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं और पढ़ाई के लिए महंगी किताबें खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं।
रत्नेश कुमार ने कहा, “इस तरह की प्रथाएँ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भारी बोझ डाल रही हैं। शिक्षा सबके लिए समान और सुलभ होनी चाहिए।” उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
धनबाद जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की जांच होनी चाहिए। कि स्कूलों में पढ़ाने वाले सभी शिक्षक बीएड योग्यताधारी है या नहीं इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ओर । साथ ही, जिले में ऐसे कई प्राइवेट स्कूल हैं जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित है। रजिस्ट्रेशन है या नहीं इन स्कूलों की भी जांच की होनी जरूरी है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और अवैध स्कूलों पर नियामक कार्रवाई की जा सके।
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा है और समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस तरह की मनमानी के खिलाफ जागरूक रहें।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

