
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सारे उपकरण खराब
विभाग सो रही हैं कुंभकर्णी नींद लोग परेशान
धनबाद (NIRSA): पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रशाखा मैथन के अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण क्षेत्र के लगभग पचास हजार लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। मैथन स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रशाखा कार्यालय में चारों तरफ गंदगी का अंबार है। पानी फिल्टर करने के सभी उपकरण खराब पड़े हैं और जल संग्रहण स्थल, जहां पानी को फिटकरी (एलम) के माध्यम से फिल्टर किया जाता है, वह भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह से पानी का रिसाव हो रहा है और जो भी पानी फिल्टर हो रहा है, वह नाली में चला जा रहा है।
क्षेत्र के लोगों को या तो सीधे मैथन डैम का मिट्टी युक्त पानी मिल रहा है, जो उनके घरों तक पहुंच रहा है, या फिर नाली का गंदा पानी पाइप के माध्यम से मिल रहा है। इसका मुख्य कारण जगह-जगह सप्लाई पाइप का फटा होना है, जिसमें नाली का पानी प्रवेश कर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
कार्यालय में अधिकारी रहते हैं नदारद
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रशाखा मैथन में अधिकारियों के आवास बने होने के बावजूद कोई भी अधिकारी वहां नहीं रहते हैं। सभी अधिकारी धनबाद में ही रहना पसंद करते हैं, जिसके कारण मैथन पीएचडी कार्यालय में हमेशा ताला लगा रहता है। ऐसे में जनता अपनी समस्या लेकर जाए तो कहां जाए, क्योंकि अधिकारी दिखते ही नहीं हैं।
मुखिया की देखरेख में क्षेत्र में पेयजल की सप्लाई
पेयजल स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों द्वारा मैथन पीएचडी के पेयजल सप्लाई की जिम्मेदारी चुने हुए जनप्रतिनिधि मुखिया को दी गई है। क्षेत्रीय मुखिया जलसहिया के द्वारा राजस्व की वसूली भी की जाती है, लेकिन समुचित देखरेख न होने के कारण लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मैथन फिल्टर प्लांट जर्जर,
जलमीनार भी बीमार
मैथन फिल्टर प्लांट जर्जर स्थिति में है। सभी उपकरण खराब पड़े हुए हैं। जलमीनार भी काफी जर्जर है और कभी भी टूट सकती है, जिससे बड़ी घटना हो सकती है। जलमीनार से पानी का रिसाव हो रहा है और प्लांट के आसपास गंदगी का अंबार भरा हुआ है। देखरेख करने वाला कोई नहीं है, सब ‘राम भरोसे’ चल रहा है।
NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट

