गिरिडीह(GIRIDIH) : झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के बेटे अनूप मरांडी सहित 18 लोगों की नृशंस हत्या के मामले की सुनवाई शुक्रवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनोज चंद्र झा की अदालत में हुई। अदालत ने दो आरोपितों दिलीप साव और कोल्ह यादव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। देवरी के चिलखारी गांव में 26 अक्टूबर 2007 को फुटबाल प्रतियोगिता के दौरान पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान उग्रवादियों ने कार्यक्रम स्थल पर धावा बोला और अनूप मरांडी और नुनूलाल मरांडी का नाम पूछकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में बाबूलाल मरांडी के बेटे समेत 18 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज किया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पारसनाथ साव और मुस्लिम अंसारी ने बताया कि अभियोजन पक्ष कोर्ट में दिलीप साव व कोल्ह यादव के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। जिस कारण न्यायालय ने दोनों को रिहा कर दिया। वहीं पीपी अशोक दास ने बताया कि इस केस में पहले भी कई बार सुनवाई हो चुकी है, जिसमें कुछ को फांसी तक की सजा सुनाई जा चुकी है। मुकदमा अभी भी जारी है और अन्य आरोपितों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
NEWSANP के लिए गिरिडीह से ब्यूरो रिपोर्ट

