झरिया (JHARIA) धनबाद कोयलांचल में बुधवार को संतान की दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य के लिए माताओं ने जिउतिया का व्रत किया।
यह व्रत अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।
निर्जला व्रत रखकर माताओं ने बुधवार की शाम अपनी संतानों के लिए दीर्घायु के लिए जीमूतवाहन की पूजा कर कथा श्रवण किया।

इसके एक दिन पूर्व मंगलवार को नहाय-खाय के साथ व्रत का संकल्प लिया गया। जिउतिया का नहाय-खाय भी विशेष होता है। अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार महिलाओं ने सरोवरों में स्नान किया। महिलाएं स्नान कर तेल, सरसों तेल की खल, झिमनी के पत्तों पर रखकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा की। वे यह तेल अपनी संतान के सिर पर आशीर्वाद स्वरूप लगाती हैं।
नहाय-खान के दिन व्रती महिलाओं ने जिउतिया का संकल्प लिया। इस दिन मड़ुआ के व्यंजनों का महत्व होता है। सतपुतिया का भी सेवन किया । व्रत से पूर्व सरगही किया।
यह सूर्योदय से दो घंटे पूर्व करना शास्त्र संगत माना गया है। सरगही में व्रती महिलाएं चूड़ा-दही, फल, नारियल का पानी समेत अन्य रुचि का भोजन करती हैं।
News A N P के लिए झरिया से अरविंद सिंह बुंदेला की रिपोर्ट

