जामताड़ा(JAMTADA):पहाड़ी क्षेत्र पहलगाम में 22 अप्रेल को हुए आतंकी हमले के विरोध में पाबिया में विभिन्न हिंदू संगठनों ने गुरुवार शाम को विशाल मसाल जुलूस का निकाला । इस में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैकड़ों युवाओं ने बढ़ कर हिस्सा लिया और आतंकवाद के विरुद्ध कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। जुलूस की अगुवाई विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष कैलाश स्वर्णकार ने की। यह मसाल जुलूस पाबिया बाजार से प्रारंभ होकर बस स्टैंड तक पहुंचा। जहां पाकिस्तान का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं में गहरा आक्रोश देखा गया। “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “पाकिस्तान हाय-हाय” के नारे पूरे क्षेत्र में गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि पहलगाम में हुए इस कायराना हमले से देश के कोने-कोने में लोग व्यथित हैं। ग्रामीण इलाकों में भी इसका गहरा असर पड़ा है।
हाथों में मशाल, दिलों में आक्रोश
मसाल जुलूस में भाग ले रहे युवाओं के हाथों में जलती मशालें थीं। जो उनके भीतर उबलते गुस्से और दर्द का प्रतीक बन गई थीं। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जुलूस में शामिल होकर अपना समर्थन जताया और आतंकवाद के विरुद्ध एकजुटता दिखाई।
26 हिंदू श्रद्धालुओं की मौत पर शोक, सुरक्षा एजेंसियों से कड़ी कार्रवाई की मांग
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सोनू सिंह ने कहा, “इस कायराना हमले में 26 हिंदू श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हमला केवल निर्दोष लोगों पर नहीं। बल्कि पूरे भारत की आत्मा पर हमला है। देश इस वक्त शोक में है। हमें उम्मीद है कि हमारे सैन्य बल जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर उन्हें नेस्तनाबूद करेंगे।”
सोनू सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इस हमले में कुछ देशद्रोही तत्व भी शामिल हैं । जो आतंकी संगठनों के लिए भीतर से समर्थन जुटा रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से अपील की कि ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
तीन आतंकियों को सेना ने किया ढेर, केंद्र सरकार पर भरोसा
प्रदर्शन के दौरान संबोधित करते हुए राजेंद्र मंडल ने कहा, “हमले के तुरंत बाद भारतीय सेना की मुस्तैदी से तीन आतंकियों को मार गिराया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि भारत सरकार इस हमले को लेकर गंभीर है। अब वक्त आ गया है कि आतंक के इस जहर को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और पाकिस्तान को भी उसका करारा जवाब दिया जाए, जो लगातार आतंक को प्रश्रय दे रहा है।”
पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं और उपस्थित जनसमूह ने भारत सरकार से यह मांग की कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किया जाए और उसके आतंकी रवैये के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। साथ ही देश के भीतर छिपे उन गद्दारों पर भी शिकंजा कसा जाए जो इन साजिशों में सहयोग कर रहे हैं।
अंतिम संदेश: ‘अब चुप नहीं रहेंगे’
मसाल जुलूस में शामिल युवाओं और संगठनों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब समय आ गया है जब देशवासियों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर जवाब देना होगा। यह कार्यक्रम न केवल एक विरोध था, बल्कि यह संकेत भी था कि आने वाले समय में समाज आतंकवाद और उसके समर्थकों के विरुद्ध निर्णायक भूमिका निभाएगा।
NEWSANP के लिए जामताडा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

