पाकुड़(PAKUD):सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 को अस्तित्व में आए आज 20 वर्ष पूरे हो गए। इस अवसर पर भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच – पाकुड़ जिला इकाई के नेतृत्व में आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा जिले में जागरूकता परिचर्चा और केक काटकर उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में कानून के महत्व, वर्तमान चुनौतियों और सूचना आयुक्त की नियुक्ति में हो रही देरी पर खुलकर चर्चा हुई।
केक काटकर मनाई वर्षगांठ, परिचर्चा में उठी मांगें
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अमित कुमार दास ने की। उन्होंने बताया कि
“12 अक्टूबर 2005 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लाया गया यह अधिनियम एक ‘कलम युक्त हथियार’ के रूप में आम जनता को सशक्त बनाने का माध्यम बना।
लेकिन झारखंड में वर्षों से सूचना आयुक्त की नियुक्ति न होने से यह कानून मज़ाक बनकर रह गया है। अब वक्त है आवाज़ बुलंद करने का।“
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 18 अक्टूबर से ‘आरटीआई जागरूकता रथ’ निकाला जाएगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।
नेताओं और सदस्यों ने रखे विचार
जिला सचिव सुरेश अग्रवाल ने कहा:
“जब सरकार में विपक्ष नहीं था, तब बहाली में देरी को विपक्ष की गैरमौजूदगी का बहाना बनाया गया। अब जब विपक्ष है, तो बहाली क्यों नहीं हो रही?“
जिला उपाध्यक्ष अहसान आलम, संगठन सचिव माइकल मरांडी, संगठन मंत्री संतोष किसपोट्टा समेत मंच के सभी सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और सरकार से अपील की कि राज्य सूचना आयोग में शीघ्र नियुक्ति की जाए, ताकि आरटीआई कानून की आत्मा को जीवित रखा जा सके।
आगामी योजनाएं
अमित कुमार दास ने बताया कि मंच का उद्देश्य सिर्फ जश्न मनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के पीड़ित और शोषित लोगों को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय हस्तक्षेप करना है। मंच हर स्तर पर लोगों के हक-अधिकार की लड़ाई में साथ देगा.
NEWSANP के लिए पाकुड़ से जयदेव कुमार की रिपोर्ट

