पाकुड़ रेलवे स्टेशन आज कई समस्याओ से जूझ रहा….

पाकुड़ रेलवे स्टेशन आज कई समस्याओ से जूझ रहा….

पाकुड़(PAKUD):पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल का पुराना पाकुड़ रेलवे स्टेशन आज कई समस्याओ से जूझ रहा है… यह स्टेशन शुरू से ही राजस्व में अग्रणी होने के बावजूद यात्री सुविधाओं में पिछड़ा हुआ है…रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए विद्युत चलंत सीढ़ी (एक्सलेटर) और लिफ्ट टेक्निकल कारणों से महीनो से बंद पड़े हैं…एक नंबर से दो नंबर प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए लगाई गई एक्सलेटर महीने से बंद है…साथ ही एक नंबर प्लेटफार्म से दो नंबर प्लेटफार्म के लिए जाने ओर आने के लिए बने लिफ्ट भी बंद है…यह सुविधा यात्रियों के लिए सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है…इससे यात्रियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ता है…बूढ़े, बुजुर्ग, महिला व बच्चो को विशेष परेशानी होती है…यात्रियों को भारी लेगेज लेकर एक नंबर प्लेटफार्म ओर दो नंबर प्लेटफार्म मे जाने ओर आने मे दिक्क़ते होती है…यात्री मजबूरन भारी सामान लेकर नौर्मल सीढ़ी से आवागमन करने को विवश है…

लगभग दो वर्ष पहले अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन के विकास का वादा किया गया था…यात्रियों को उच्च क्वालिटी की सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी…रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने स्टेशन के आसपास कुछ काम शुरू भी किया…स्टेशन के सामने एक छोटा पार्क बनाया गया…
लेकिन समय के साथ विकास कार्यों की गति धीमी पड़ती गई…वर्तमान में स्टेशन की स्थिति चिंताजनक है…प्लेटफॉर्म का फर्श जगह-जगह से टूटा हुआ है…स्टेशन के सामने रेलवे मैदान में पुराने अवशेषों का मलबा बिखरा पड़ा है…लाखों रुपये की लागत से बनाया गया पार्क भी अब क्षतिग्रस्त हो चुका है…नव निर्मित शौचालय बने एक वर्ष हो चूका है पर अभी तक शुरू नही हुआ है…स्टेशन की यह स्थिति अमृत भारत योजना के उद्देश्यों के विपरीत है…यात्री सुविधाओं की कमी और रखरखाव का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है…प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के बैठने के लिए लगाए गए बेंच भी जर्जर स्थिति में हैं…

वही ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय ने इस स्थिति के लिए ईस्टर्न रेलवे के वरिष्ठ पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है…उन्होंने बताया कि अमृत भारत योजना की शुरुआत के समय ही टेक्निकल कार्य पूरा किया जाना चाहिए था… लेकिन वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि डबल लाइन बिछने के बाद ही योजना का कार्य होगा…उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जाएगी…उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेशन परिसर मे लाखों रुपए की राशि से पार्क और शौचालय बनाने में खर्च कर दी गई, जो अबतक उपयोग में नहीं है…कई बार वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान इस ओर खींचा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई…

वही स्टेशन प्रबंधक लखीराम हेंब्रम ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर विद्युत चलंत सीधी (एक्सलेटर) और लिफ्ट बिजली की समस्या के कारण बंद पड़ी है…स्थानीय बिजली लो वोल्टेज के कारण बंद पड़ी है…उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग को मेमो भेजा गया है…कहा इस समस्या पर उपकरण लगाते समय ही ध्यान दिया जाना चाहिए था…अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन में चल रहे कार्यों के बारे में उन्होंने कहा कि इस विषय में वरिष्ठ पदाधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं…

बताते चले की हावड़ा डिवीजन अंतर्गत पाकुड़ रेलवे स्टेशन के जरिये से मालगाड़ी से काफी मात्रा मे कोयला ओर पत्थर की ढूलाई होती है ओर हावड़ा डिवीजन को इस स्टेशन से करोड़ो रूपये का राजस्व मिलता है वावजूद इस स्टेशन का जितना विकास होना चहिये था उतना नही हुआ है…अब स्थानीय लोग अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण का इंतजार कर रहे हैं…अन्य कई रेलवे स्टेशनों का सौंदर्यीकरण इसी योजना के तहत पूरा हो चुका है… आम लोग रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं…

NEWSANP के लिए पाकुड़ से जयदेव कुमार की रिपोर्ट

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