पाकुड़ में प्रकृति का पर्व सोहराय की धुम शुरु हो चुकी है…

पाकुड़ में प्रकृति का पर्व सोहराय की धुम शुरु हो चुकी है…

पाकुड़ (PAKUD): पाकुड़ के केकेएम काँलेज (कुमार कालिदास मेमोरियल कॉलेज) के मैदान में आदिवासी छात्रावास के छात्र-छात्राओं के द्वारा तीन दिवसीय सोहराय पर्व धुमधाम से मनाया जा रहा है.इसमें मुख्य अथिति पूर्व मुख्यमंत्री सह प्रदेश अध्यक्ष भाजपा बाबूलाल मरांडी शामिल हुए.पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी,कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ युगल झा,महिला कॉलेज के प्रिंसिपल सुशीला हांसदा सहित अन्य ने मिलकर काँलेज में इसका विधिवत शुरुआत किया.संथाल परगना में आदिवासियों का यह महापर्व है.

इस दौरान बाबूलाल मरांडी मादर की थाप पर थिरके…साथ ही छात्र छात्राओं ने पारम्परिक वेश भूषा में मांदर के थाप पर जमकर नृत्य और खुशिया मनाई.पर्व की शुरुआत पूजा अर्जना के साथ शुरु हुई…कार्य स्थल पर गोट टंडी बनाया गया.जहां विधिवित रुप से पूजा अर्चना की गई… परंम्परा के अनुसार मुर्गी के चूजे की बलि भी दी गई… नाईकी ने पुजा अर्जना कार्य सम्पन्न कराया.

बाबूलाल मरांडी स्वयं मांदर बजाते हुए छात्र छात्राओं के साथ नृत्य किया और मादर की थाप पर जमकर थिरके.सोहराय पर्व मुख्य रुप से धान काटने के बाद घर लाया जाता है उसी समय सोहराय पर्व मनाया जाता है.खासकर यह पर्व भाई बहन के पवित्र रिस्ता से जुड़ा हुआ है.इस पर्व में परम्परा के अनुसार भाई बहन को ससुराल से विदा कराकर लाते है इसके बाद प्रकृति की पुजा किया जाता है.बैंल जो हल जोत कर धान की फसल को लहलहता है उसका भी इस पर्व में खास महत्व है.यह हर गांव में अलग अलग दिन में महीनों तक चलता रहता है.यह पर्व हर गांव मे दस दिनों तक चलता है.अलग अलग दिन अलग अलग तरीके से प्रकृति की पुजा किया जाता है….

NEWSANP के लिए पाकुड़ से जयदेव कुमार की रिपोर्ट

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