पटना(PATNA): राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय के तलाक का मामला सोमवार को पटना हाईकोर्ट में आया। जस्टिस अरुण कुमार झा की अगुवाई में सुनवाई हुई। ऐश्वर्या की ओर से वकील अभिनव श्रीवास्तव और नीलांजन चटर्जी अदालत में मौजूद थे, जबकि तेजप्रताप के वकील जगन्नाथ सिंह ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं।
सुनवाई के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई, जब जज ने ऐश्वर्या राय के वकील से पूछा कि उनकी तरफ से अंतिम समझौते के लिए कितनी रकम मांगी गई? इस पर तेजप्रताप के वकील ने बताया कि “36 करोड़ रुपए की एकमुश्त रकम की मांग की गई थी, और यह डिमांड दोनों परिवारों के बीच समझौते के वक्त रखी गई थी।” अदालत ने मामले की अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद निर्धारित की है। साथ ही, यह मामला पटना के फैमिली कोर्ट में भी चल रहा है, जहां मंगलवार को सुनवाई होगी।
इस 36 करोड़ रुपए की डिमांड की बात पहली बार कोर्ट में सामने आया है। जानकारी के अनुसार जनवरी 2024 में दोनों परिवारों के बीच पटना के एक बड़े होटल में बैठक हुई थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव भी शामिल थे। समझौते की बात जब उठी तो ऐश्वर्या ने 36 करोड़ की डिमांड रखी, लेकिन तेजप्रताप इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद, पटना जू में तीन बैठकें हुईं, लेकिन दोनों परिवारों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका।
ऐश्वर्या राय ने खुद के लिए राबड़ी देवी के आवास जैसा घर, एक कार, ड्राइवर, नौकर और हर महीने डेढ़ लाख रुपये खर्च की डिमांड की है। यह डिमांड उन्होंने फैमिली कोर्ट में पहले ही पेश की थी। सितंबर 2023 में फैमिली कोर्ट के आदेश पर तेजप्रताप ने ऐश्वर्या को पटना के गोला रोड इलाके में तीन कमरे वाला फ्लैट दिया था, जिसका किराया 20,000 रुपये था। हालांकि, ऐश्वर्या ने उस फ्लैट को स्वीकार नहीं किया। बता दें तेज-ऐश्वर्या की शादी मई 2018 में हुई थी, और इसके एक साल बाद ही 2019 में ऐश्वर्या ने मारपीट के आरोप लगाए थे। इसके बाद से दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था।
NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

