पटना(PATNA): पटना के गांधी मैदान में इस साल दशहरे के मौके पर रावण दहन का कार्यक्रम कुछ अलग ही अंदाज में खत्म हुआ। हर साल की तरह इस बार भी लोग रावण के पुतले को जलते देखने के लिए बेताब थे।
गांधी मैदान में हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे, हर कोई इस पल का गवाह बनना चाहता था। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, सभी इस साल के रावण दहन कार्यक्रम के लिए बहुत उत्साहित थे। रावण के पुतले के दहन को देखने के लिए सब बेसब्र थे, जैसे कि यह एक अद्भुत नजारा हो जिसे हर कोई अपनी आंखों से देखना चाहता है।
लेकिन अचानक हुई तेज बारिश ने सबको मायूस कर दिया। रावण दहन के कार्यक्रम के अंतिम चरण में जब पुतले को जलाने का वक्त आया, तभी जोरदार बारिश शुरू हो गई। बारिश ने इस पूरे आयोजन पर जैसे ग्रहण लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि रावण का पुतला जलकर नहीं, बल्कि गलकर गिर गया। यह देखकर वहां मौजूद लोगों के चेहरों पर मायूसी छा गई। लोग जो इस पल का इंतजार कर रहे थे, उनकी उम्मीदें जैसे धरी रह गईं।
बारिश के बावजूद गांधी मैदान में लोगों की भीड़ में कोई खास कमी नहीं आई थी। सबको इस पल का इंतजार था कि रावण का पुतला जलाया जाएगा, लेकिन जब लोगों को पता चला कि रावण दहन के कार्यक्रम पर ग्रहण लग गया है तो लोग बहुत निराश हुए। बच्चे, बूढ़े, जवान… सभी मायूस होकर अपने घर लौटने लगे। गांधी मैदान का वह माहौल, जो उत्साह और उमंग से भरा होना चाहिए था, अचानक उदासी में बदल गया।
NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

