झारखंड(JHARKHAND): गांव के आसमान पर बादल भी जैसे ठहर गये थे। CM हेमंत सोरेन के पैतृक आंगन में कदम रखते ही मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका पाण्डेय, शिल्पी नेहा तिर्की, प्रदेश प्रभारी के. राजू, कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक प्रदीप यादव और ममता देवी, सबकी आंखों में नमी और दिल में गुरुजी की स्मृतियां उमड़ पड़ीं। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर के सामने सिर झुकाते वक्त न सिर्फ शब्द, बल्कि सांसें भी भारी हो गईं। किसी ने चुपचाप दीप जलाया, तो किसी ने हाथ जोड़ कर पूरी श्रद्धा समेट दी।
मौन में भी एक आवाज थी, गुरुजी, आप हमेशा हमारे साथ हैं। कुछ देर बाद, झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश संजय प्रसाद भी पहुंचे। न्याय की गूंज वाले उस स्वर में संवेदना का कंपन था। उन्होंने चुपचाप CM हेमंत सोरेन का हाथ थामा, मानो कह रहे हों, “दुख भारी है, पर आप अकेले नहीं हैं।” नेमरा के आंगन में आज हवा भी धीमे चल रही थी, मिट्टी में गुरुजी के कदमों के निशान थे और दीवारों पर उनकी मुस्कान की छाया। यहां हर पत्ता, हर फूल, हर पत्थर कह रहा था, “जाने वाले जाते हैं, पर छोड़ जाते हैं अपनी यादें।”
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

