धनबाद/गिरिडीह : (GIRIDIH) गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 13 साल की एक नाबालिग बच्ची ने बुधवार को धनबाद के एसएनएमएमसीएच अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया। इतनी कम उम्र में मां बनने की खबर से अस्पताल में मौजूद डॉक्टर, नर्स और मरीज तक हैरान रह गए। बच्ची की चीख और दर्द ने वहां मौजूद हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया।बताया जा रहा है कि डुमरी के बरवाटांड़ गांव की रहने वाली इस बच्ची को 18 वर्षीय सुभाष सिंह ने प्रेम के जाल में फंसाया और शारीरिक संबंध बनाया। उम्र की नासमझी और भरोसे का फायदा उठाकर युवक ने उसका शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई।
परिजनों को इस बात की जानकारी कुछ माह पहले ही हो गई थी, लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से उन्होंने चुप्पी साध ली और बच्ची को घर में बंद रखा।मंगलवार की रात बच्ची को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उसे डुमरी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने हालात की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत धनबाद रेफर कर दिया। बुधवार सुबह बच्ची ने एक बेटे को जन्म दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, इतनी छोटी उम्र में गर्भधारण और प्रसव दोनों ही बच्ची की जान के लिए खतरनाक थे। फिलहाल बच्ची और नवजात दोनों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। नवजात बच्चे की वजन करीब ढाई किलो है .घटना की सूचना मिलते ही सरायढेला थाना की प्रभारी नूतन मोदी अस्पताल पहुंचीं और पूरे मामले की जांच शुरू की। अस्पताल प्रबंधन ने बाल कल्याण समिति को भी जानकारी दी है। हालांकि पीड़िता के परिजनों के शिकायत पर आरोपी युवक को दुष्कर्म के आरोप में गिरिडीह पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है…पुलिस अब आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
हालांकि यह घटना न सिर्फ एक मासूम बच्ची की जिंदगी को प्रभावित करने वाली है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल पाएगा। जरूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो और समाज में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए…
NEWS ANP के लिए रागिनी की रिपोर्ट…

