सिंदरी(SINDRI): जब पूरा देश नववर्ष की खुशियां मना रहा है, आतिशबाजी और उल्लास में डूबा है, उसी समय डोमगढ़ के लोग अपने हक और अधिकार की लड़ाई को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। आज धरना-प्रदर्शन का 12वां दिन है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों की सुध तक नहीं ली है।
धरना पर बैठे लोगों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं, लेकिन बार-बार आवाज उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। नववर्ष जैसे पावन अवसर पर भी जब लोग अपने घरों में खुशियां मना रहे हैं, डोमगढ़ के आंदोलनकारी खुले आसमान के नीचे संघर्ष करने को मजबूर हैं।
धरना स्थल पर मुख्य रूप से राज रस भाई, जगर्नाथ, शशि शेखर पाण्डे, विदेशी सिंह, दिलीप मिश्रा, नग नारायण भारती, शंभू सिंह, गुड्डू खान, संतोष शाह, अनिल जी, अजय अग्रवाल एवं बीरबल दुबे लगातार डटे हुए हैं। इन सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करता, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व, अधिकार और भविष्य की रक्षा के लिए है। यदि जल्द ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर बातचीत नहीं करते हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
डोमगढ़ का यह धरना अब केवल एक विरोध नहीं, बल्कि शासन की संवेदनहीनता के खिलाफ एक मजबूत संदेश बनता जा रहा है।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

