नई उत्पाद नीति पर शराब माफिया का प्रभाव, आम जनता को होगा नुकसान : चंद्र प्रकाश चौधरी

नई उत्पाद नीति पर शराब माफिया का प्रभाव, आम जनता को होगा नुकसान : चंद्र प्रकाश चौधरी

गिरिडीह के सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रस्तावित नीति के गलत नियमों की ओर ध्यान कराया आकृष्ट, दिये कई सुझाव

गिरिडीह(GIRIDIH):आजसू पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष व गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उत्पाद एवं मध निषेध विभाग द्वारा मदिरा के थोक भंडारण व खुदरा बिक्री एवं होटल, बार व कल्बों आदि के संबंध में प्रस्तावित नियमावली पर मांगे गए सुझाव पर अपना सुझाव, आपत्ति व संशोधन को लेकर पत्र भेजा है। उन्होंने अपने पत्र में यह उल्लेख किया है कि झारखंड में शराब की थोक व खुदरा बिक्री के लाइसेंस के लिए एक प्रभावशाली गिरोह ने अनैतिक व गैर कानूनी रूप से वर्तमान में लागू मदिरा का भंडारण एवं थोक बिक्री (संशोधन) नियमावली 2022 के नियम 5, 6, 7 को नई नियमावली में विलुप्त करा दिया है जो भ्रष्टाचार की प्रकाष्ठा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि शराब एक ओर जहां राजस्व प्राप्ति का माध्यम है तो दूसरी ओर शराब सेवन से राज्य में निवास करने वालों के सामाजिक व आर्थिक संरचनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जो कल्याणकारी राज्य के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि मदिरा भंडारण एवं थोक विक्रेता नियमावली 2022 के नियम 7 की लाइसेंस प्रदान करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार का संशोधन विधि के विरुद्ध होगा। इस नियम सात को यथावत बनाए रखना न्याय संगत होगा। कहा कि उत्पाद (मदिरा खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती का संचालन) नियमावली 2025 के विभिन्न प्रावधान गैर कानूनी व असामाजिक तत्वों को प्रोत्साहन करने वाली है। इसमें संशोधन करना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मॉडल शॉप व डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब की खुदरा बिक्री करना अन्यायपूर्ण होगा। झारखंड के युवाओं के भविष्य को देखते हुए शराब की खुदरा बिक्री को सरल एवं सुगम करना सामाजिक संरचना एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने शराब की थोक विक्रेता का लाइसेंस की पात्रता अनिवार्य शर्तों में रखने, मॉडल शॉप व डिपाटमेंटल स्टोर में शराब की खुदरा बिक्री के प्रावधान नहीं करने, खुदरा शराब दुकानों की कार्य अवधि में संशोधन करने, हर तीन माह पर शराब की बोतलों व भंडारण का निरीक्षण सुनिश्चित करने, शराब उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले विज्ञापनों पर महिलाओं के चित्र के साथ उत्तेजक दृश्य का प्रचार दंडनीय अपराध की श्रेणी में शामिल करने, नशा मुक्ति केद्रों को अनुदान देने का प्रावधान करने, सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन करने पर कठोर जुर्माना का प्रावधान करने, खुदरा दुकानों को धार्मिक स्थलों, स्कूल ,कॉलेज हॉस्पिटल व आंगनबाड़ी केंद्रों से दूर रखने के प्रावधानों को प्राथमिकता व गंभीरता के साथ लागू करने आदि की वकालत की है। उन्होंने पत्र में झारखंड में शराब सिंडिकेट की जांच ईडी द्वारा किए जाने के मामले का भी उल्लेख किया है। साथ ही यह भी कहा है कि दिए गए न्याय संगत सुझावों व संशोधनों का निष्पादन नहीं किया गया तो बाध्य होकर राज्यहित में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करना मेरी बाध्यता होगी।

सीटीपीएस में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की होगी स्थापना, मिली सैद्धांतिक स्वीकृति: चंद्र प्रकाश

गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बताया है कि चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (सीटीपीएस) में 2 गुना 008 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना होगी। यह कोल इंडिया लिमिटेड ( सीआईएल) के साथ संयुक्त उद्यम के माध्यम से होगी। इसका प्रबंधन डीबीसी के पास होगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर करीब 164257.7 करोड़ रुपए खर्च होगी। इसको लेकर केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

NEWSANP के लिए गिरिडीह से विनोद सिंह की रिपोर्ट

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