धनबाद(DHANBAD): आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में 9 दिसंबर 2025 को शताब्दी दौड़ का सफल आयोजन हुआ, जिसने संस्थान की 100 साल की यात्रा को एक खास अंदाज़ में यादगार बना दिया। इस ऐतिहासिक मौके पर बड़ी संख्या में पूर्व छात्र, फैकल्टी, विद्यार्थी, कर्मचारी और शहर के लोग शामिल हुए और सभी ने मिलकर संस्थान की गौरवपूर्ण परंपरा को सेलिब्रेट किया।
दौड़ की शुरुआत ओवल ग्राउंड से हुई और पुलिस लाइन रोड व रंधीर वर्मा चौक होते हुए जिमखाना ग्राउंड तक पहुँची। पूरे रास्ते धावकों का उत्साह देखने लायक था और सभी ने आईआईटी(आईएसएम) समुदाय की एकजुटता और ऊर्जा को बखूबी दिखाया।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए देश के तीन नामी खेल हस्तियों ने शताब्दी दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें पद्मश्री सम्मानित तीरंदाज पूनम महतो, अर्जुन अवॉर्ड विजेता तीरंदाज लाईशराम बॉम्बायला देवी और अर्जुन अवॉर्ड विजेता पर्वतारोही देबाशीष बिस्वास शामिल थे। उनकी मौजूदगी ने प्रतिभागियों में और जोश भर दिया।
आईआईटी(आईएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा और उनकी पत्नी भी पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे और प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते रहे।
दौड़ के बाद जिमखाना ग्राउंड में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम हुआ, जहाँ विजेताओं को सम्मानित किया गया और आयोजन को सफल बनाने में लगे सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की गई। इस पूरे इवेंट के प्रबंधन और पूर्व छात्रों की भागीदारी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एलुमनाई अफेयर्स ने संभाली।
शताब्दी दौड़ सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं थी, बल्कि आईआईटी(आईएसएम) की सौ साल की उपलब्धियों, एकजुटता और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनकर उभरी। संस्थान के आगे बढ़ते कदम और नई सदी की नई उम्मीदों को इस दौड़ ने और मजबूत किया।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

