नई दिल्ली (NEW DELHI): भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने समाजसेवी सत्यप्रकाश सिंह को बिहार राज्य स्तरीय DISHA समिति में गैर-आधिकारिक सदस्य नामित किया है। मंत्रालय की अधिसूचना में यह घोषणा की गई कि सिंह का चयन समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है।
DISHA यानी जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति भारत सरकार की एक प्रमुख व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य विकास योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। जिला स्तर पर इसकी अध्यक्षता स्थानीय सांसद करते हैं, वहीं राज्य स्तर पर गठित राज्य स्तरीय DISHA समिति में केंद्रीय और राज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कुछ गैर-आधिकारिक सदस्य शामिल होते हैं। इस समिति का मुख्य कार्य मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आवास योजना जैसी योजनाओं की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि योजनाएं सही समय पर, सही जगह और सही तरीके से लागू हों।
सत्यप्रकाश सिंह न केवल विकासात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं, बल्कि वे धनबाद व बिहार के भोजपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। वे भोजपुर जिले के ऐतिहासिक “लभुआनी (माई) महोत्सव” के कर्ता-धर्ता और मुख्य आयोजक हैं। हर वर्ष भव्य पैमाने पर आयोजित होने वाले इस महोत्सव में रामकथा, भजन संध्या, शोभा यात्रा, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। इसमें न केवल स्थानीय जनता बल्कि साधु-संत, कलाकार और राज्य के बड़े गणमान्य लोग भी भाग लेते हैं। हाल ही में इस महोत्सव में बिहार के राज्यपाल ने भी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जो इस आयोजन की महत्ता को रेखांकित करता है।
अब जब उन्हें बिहार राज्य स्तरीय DISHA समिति का सदस्य बनाया गया है, तो यह माना जा रहा है कि सांस्कृतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर उनकी सक्रियता विकास योजनाओं की निगरानी और बेहतर क्रियान्वयन में सहायक होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि 15 दिनों के भीतर उनके नामांकन की औपचारिक अधिसूचना जारी की जाए। इसके बाद उन्हें समिति की बैठकों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

