धनबाद(DHANBAD): झारखंड विधानसभा के सचेतक सह धनबाद विधायक राज सिन्हा ने आज विधानसभा में धनबाद सहित पूरे राज्य से जुड़े शिक्षा और छात्र हित के महत्वपूर्ण मुद्दों को जोर-शोर से उठाया।
विधायक सिन्हा ने सदन में कहा कि धनबाद जिला अंतर्गत लगभग 2450 स्कूलों सहित राज्य के करीब 45 हजार स्कूलों में वित्तीय वर्ष 2025–26 में विद्यालयों के रखरखाव हेतु मिलने वाली स्कूल ग्रांट मेंटेनेंस एंड रिपेयर (SGMR) की राशि उपलब्ध नहीं होने से स्कूलों की आधारभूत व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से जल्द राशि उपलब्ध कराने की मांग की ताकि विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों में डिजिटल शिक्षा और आईसीटी लैब (ICT Lab) की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षक और आधारभूत संरचना उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
सिन्हा ने यह भी कहा कि पूर्व में छात्रों के ड्रॉप आउट को रोकने और उनके बौद्धिक विकास के लिए चलाए जा रहे कई कार्यक्रम बंद हो गए हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन योजनाओं को पुनः प्रभावी ढंग से संचालित करने की मांग की।
इसके अतिरिक्त विधायक सिन्हा ने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के अंतर्गत संचालित 23 निजी बीएड कॉलेजों के छात्रों को समय पर बोनाफाइड सर्टिफिकेट नहीं मिलने से छात्रवृत्ति प्राप्त करने में हो रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस कारण हजारों छात्र-छात्राओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक सिन्हा ने सरकार से मांग की कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी महाविद्यालयों में शीघ्र बोनाफाइड प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए तथा जिन संस्थानों द्वारा इसमें लापरवाही बरती जा रही है, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और छात्र हित से जुड़े इन गंभीर विषयों पर सरकार को जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए ताकि राज्य के विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धनबाद विधायक सिन्हा ने आज झारखंड विधानसभा में धनबाद जिला सहित राज्य के सभी प्रखंड कार्यालयों में झारखंड शिक्षा परियोजना के अंतर्गत पिछले 12 वर्षों से कार्यरत MIS कॉर्डिनेटरों की महत्वपूर्ण समस्या को उठाया।
सिन्हा ने सदन में कहा कि,ये सभी कर्मी लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने वर्षों की सेवा के बावजूद इनके वेतन/मानदेय में अब तक कोई वृद्धि नहीं की गई है। वहीं दूसरी ओर अन्य समतुल्य पदों पर कार्यरत कर्मियों के वेतन/मानदेय में पिछले 7 वर्षों में वृद्धि हो चुकी है।
ऐसी स्थिति में MIS कॉर्डिनेटरों को आर्थिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मैं राज्य सरकार से आग्रह करता हूँ कि इन कर्मियों के समर्पण, अनुभव और योगदान को ध्यान में रखते हुए झारखंड शिक्षा परियोजना के अंतर्गत कार्यरत सभी MIS कॉर्डिनेटरों के वेतन/मानदेय में शीघ्र उचित वृद्धि करने का निर्णय लिया जाए, ताकि उनका मनोबल बढ़े और वे शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती से आगे बढ़ा सकें।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

