DHANBAD (धनबाद): झारखंड में बालू खनन का टेंडर नहीं होने से बालू घाटों से जमकर बालू का अवैध कारोबार हो रहा है। जिससे साफ है कि बालू लुटेरों का सरकारी तंत्र और सफेद पोस सब मैनेज है। धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी और निरसा स्थित बरकार नदी के बेजरा और पंडरा बेजरा घाट से बड़े पैमाने संगठित रूप से बालू का अवैध कारोबार हो रहा है। इन घाटों से 24सो घंटे बालू का खनन कर ट्रैक्टर से नदी घाट के ऊपर डंप किया जाता है जिसे हाइवा वाहनों, 407 और ट्रेक्टर के माध्यम से निरसा और पूर्वी टुंडी के रास्ते गंतव्य तक पहुंचाया जाता है। रास्ते में पुलिस, सीओ और खनन विभाग के नाम से पैसे की वसूली भी की जाती है।सूत्रों की माने तो यहां बालू सिंडिकेट का मुख्य सरगना सुमित ठाकुर, सिकंदर अंसारी, सद्दाम अंसारी, नवाब अंसारी, मुस्ताक उर्फ पिंटू, गुजु अंसारी, मकरूद्दीन अंसारी, अशित मंडल उर्फ चीकू, उदित राम उर्फ भूटू राम शामिल है..
इसकी भी जानकारी पुलिस – प्रशासन को है लेकिन इनपर कोई कार्रवाई नहीं होना बड़ा सवाल खड़ा करता है।इसे लेकर धनबाद माइनिंग अधिकारी रितेश राज तिग्गा ने कहा कि धनबाद में 8 बालू घाटों का टेंडर के लिए चयन किया गया है।सरकार के आदेश आते ही टेंडर की प्रक्रिया होगी। जिसके बाद ही बालू के अवैध कारोबार पर अंकुश लग सकेगा। कहा कि आए दिन हमलोग कार्रवाई करते हैं और बालू भी जब्त होती है। बालू की अवैध कारोबार के रोकथाम के लिए पुलिस और आंचल अधिकारियों को भी कार्रवाई का जिम्मा है। कहा की हमारे पास पुलिस बल नहीं होने के कारण हमलोग बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाते हैं..
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

