धनबाद(DHANBAD):धनबाद हिरापुर तेलीपाड़ा निवासी गोपाल प्रसाद साव और मीराबाला देवी की बेटी और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जुड़ी युवा पुरातत्वविद् अर्ली आर्या ने ऑस्ट्रेलिया के डार्विन शहर में आयोजित 10वें विश्व पुरातत्व कांग्रेस (10th World Archaeological Congress – WAC) में भारत का परचम लहराया। यह ऐतिहासिक सम्मेलन 22 जून से 28 जून 2025 तक आयोजित हुआ, जिसमें 100 से अधिक देशों के विशेषज्ञों, इतिहासकारों, और पुरातत्वविदों ने भाग लिया।
ई. आर्या का शोधपत्र “Women as a Catalyst of Culture Exchange and Trade in Ancient Indian Society” विषय पर सम्मेलन की आधिकारिक पुस्तक में प्रकाशित हुआ है। इस शोध में उन्होंने प्राचीन भारतीय समाज में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका, व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संबंधों में उनके योगदान, और स्त्री नेतृत्व के ऐतिहासिक प्रमाणों को अकादमिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया।
भारतीय पुरातत्व के क्षेत्र में यह उपलब्धि अभूतपूर्व मानी जा रही है। ई. आर्या ने अपने शोध के माध्यम से वैश्विक विद्वानों के समक्ष यह सिद्ध किया कि प्राचीन भारत की स्त्रियाँ न केवल घरेलू जीवन में, बल्कि अंतरसांस्कृतिक संवाद, व्यापार, और समाज निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाती थीं।
डार्विन, ऑस्ट्रेलिया में हुए इस सम्मेलन में दुनिया भर के पुरातत्वविदों ने ई. आर्या के शोध की सराहना की और भारत की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा को नमन किया।
इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर ई. आर्या को देशभर से बधाइयाँ प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि झारखंड की धरती सिर्फ खनिजों की नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और नारीशक्ति की भी भूमि है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह कि रिपोर्ट

