धनतेरस पर न करे इन चीजों की खरीदारी..जाने शुभ ओर अशुभ…

धनतेरस पर न करे इन चीजों की खरीदारी..जाने शुभ ओर अशुभ…

धनबाद(DHANBAD): धनतेरस का त्योहार हिंदुओं के सबसे शुभ त्योहारों में से एक माना जाता है। हर साल यह पर्व अत्यधिक भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। धनत्रयोदशी के इस शुभ दिन पर लोग अपने घर को रोशनी से सजाते हैं, दीपक जलाते हैं और नई चीजें खरीदते हैं, जिसे धनतेरस शॉपिंग गाइड के रूप में भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2024 में धनतेरस कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

धनतेरस पूजा का महत्व

ऐसा माना जाता है कि इस शुभ दिन पर भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने से सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि धनतेरस पर भगवान धन्वन्तरि के आशीर्वाद से घर में बरकत आती है और धन की वृद्धि होती है।

क्या न खरीदें धनतेरस के दिन

धनतेरस के दिन कुछ चीजों की खरीदारी से परहेज करना चाहिए। नुकीली चीजें जैसे – चाकू, कैंची, कांच, चीनी मिट्टी, प्लास्टिक, लोहा, स्टील, और एल्युमिनियम आदि वस्तुएं इस दिन न खरीदने का रिवाज है, क्योंकि इससे घर में दुर्भाग्य का आगमन होता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन काला कंबल, काले व नीले वस्त्र, तेल, जूते, और चमड़े से बनी चीजों को भी नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि ये शनि का प्रतिनिधित्व करते हैं। खाली मिट्टी का घड़ा भी घर में नहीं लाना चाहिए; इसे पहले अनाज जैसे चावल या गेहूं से भर लेना चाहिए, फिर घर लाना चाहिए। माना जाता है कि इससे घर की बरकत बनी रहती है।

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 10:31 बजे शुरू होकर 30 अक्टूबर को दोपहर 01:15 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 29 अक्टूबर को धनतेरस मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त संध्याकाल 06:31 बजे से 08:13 बजे तक रहेगा।

धनतेरस पर विशेष मंत्र

धनतेरस की पूजा में इन मंत्रों का जप करने से विशेष लाभ मिलता है:

  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः
  • ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः
  • ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा
  • श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः

NEWSANP के लिए धनबाद से रागिनी पांडेय की रिपोर्ट

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