दिवाली-छठ पूजा में जाने की मारामारी, गोमती और श्रमजीवी सहित कई एक्सप्रेस ट्रेनों में पैर रखने की जगह तक नहीं…

दिवाली-छठ पूजा में जाने की मारामारी, गोमती और श्रमजीवी सहित कई एक्सप्रेस ट्रेनों में पैर रखने की जगह तक नहीं…

गाजियाबाद(GHAZIABAD): दिवाली पर घर जाने के लिए शनिवार को गोमती, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और श्रमजीवी के लिए लोगों की भीड़ रही। पहले ही फुल होने के कारण हजारों लोगों की ट्रेन छूट गई। लोगों का आरोप है कि अतिरिक्त ट्रेन चलने के बाद भी ट्रेनों में सीट नहीं मिल रही है। अधिकांश ट्रेनों में रिजर्वेशन की कोई गुंजाइश नहीं बची है। वेटिंग लिस्ट 150 से ऊपर पहुंच चुकी है।

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बिहार, झारखंड और पूर्वांचल की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में सीटें पूरी तरह फुल हैं। सीट फूल होने के कारण लोग जनरल टिकट लेकर सवार हो रहे हैं। इससे ट्रेन में चढ़ने तक के लिए जगह नहीं मिल रही है। सुबह से ही स्टेशन के प्लैटफार्म पर यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। खासकर श्रमजीवी, सप्तक्रांति, वैशाली, स्वतंत्रता सेनानी, उत्तर बिहार और आनंद विहार-सीतामढ़ी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है।

यात्रियों ने बताई परेशानी

श्रमजीवी से गोरखपुर जा रहे आशुतोष मिश्रा ने बताया कि भीड़ होने के कारण ट्रेन में चढ़ नही सका। ट्रेन में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। वहीं, गोमती एक्सप्रेस से परिवार के साथ फिरोजाबाद जा रही कविता ने बताया कि रिर्जेवेशन के लिए एक महीने से प्रयास कर रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिली है। जनरल का टिकट लिए, भीड़ के कारण ट्रेन में जगह नहीं मिली। बस से सफर करना पड़ेगा। श्रमजीवी से पटना जा रहे सुरेश कुमार ने बताया कि परिवार के करीच 5 लोग एक साथ जा रहे हैं। तीन लोग ट्रेन में सवार हो गए लेकिन भीड़ के कारण बाबा नहीं चढ़ सके, जिससे मुझे भी उतरना पड़ा।

ट्रेन छूटने के कारण 300 ने टिकट रिफंड कराई

सुबह से टिकट लेने के लिए स्टेशन पर लोगों की लंबी-लंबी कतार लगी हुई है। बीते 24 घंटे में 20 हजार से अधिक टिकट कट चुकी है। इसमे कानपुर, गोरखपुर, टूडला, हाथरस, अलीगढ़ और फिरोजाबाद की तरफ जाने वाले यात्री अधिक है। वहीं ट्रेन छूटने के कारण करीब 300 से अधिक यात्रियों की टिकट रिफंड कराई है।

स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मांग के मुकाबले सीटें कम पड़ रही है। स्टेशन परिसर और प्लैटफॉर्म पर आरपीएफ और जीआरपी के जवानों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। भीड नियंत्रण के लिए प्लेटफॉर्म पर बैरिकेडिंग की गई है और लाउडस्पीकर से यात्रियों को दिशा-निर्देश दिए जा रहे है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

धनतेरस पर 200 अतिरिक्त बसेंपरिवहन विभाग की तरफ से धनतेरस पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक साथ 200 अतिरिक्त बसों का संचालन करना पड़ा। वहीं, डग्गामार बसों के दलाल जो पैसेजर्स को बहला फुसलाकर प्राइवेट बसों में ले जाने की कोशिश कर रहे थे, उनके लिए तीन अतिरिक्त पुलिस कर्मी भी लगाने पड़े। अधिकारियों ने बताया कि धनतेरस पर दो डग्गामार बसों के दलालों को पकड़कर पुलिस को भी सौंपा गया।

सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक एक साथ करीब 56 हजार पैसेजर्स ने रोडवेज बसों को अपने घर जाने का साधन बनाया। जबकि रात 12 बजे तक यह संख्या एक लाख को पार कर सकती है। रविवार को छोटी रूटो के पैसेजर्स निकलेंगे। कौशाम्बी डिपो के एआरएम अंशु भटनागर ने बताया कि लाल कुआ के पास बसें जाम के कारण फस रही है।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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