दिल्ली(DELHI): दिल्ली ब्लास्ट में डॉक्टर उमर, डॉ मुजम्मिल, डॉ आदिल और डॉ शाहीन की संलिप्तता के बाद ये चर्चा आम है कि आखिर पढ़ा लिखा डॉक्टर आतंकवादी कैसे बन सकता है और लोगों की जान लेने के लिए केमिकल कैसे बना सकता है ? तो आपको बता दूं कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. देखिए आतंकियों के मास्टरमाईंड जो कि पढ़े लिखे और उंची डिग्रीधारी हैं.
याकूब मेनन : 1993 मुंबई बम कांड में दोषी पाए जाने के बाद फांसी की सजा पाने वाला याकूब चार्टर्ड अकाउंटेंट था। उसने द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से यह डिग्री हासिल की थी और उसका अपना फर्म भी था।
ओसामा बिन लादेन : 1998 में अमेरिका पर सबसे बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने वाले लादेन ने 1979 में सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। उसने किंग अब्दुल्ला अजीज यूनिवर्सिटी से इकॉनोमिक्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की हायर एजूकेशन हासिल की थी।
अफजल गुरु: इस आतंकी ने 1991 में भारतीय संसद पर हमले को अंजाम दिया था। इसकी शुरुआती पढ़ाई जम्मू-कश्मीर से हुई थी, फिर इसने झेलम वेली मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया और वहां से एमबीबीएस किया।
हाफिज सईद : पाकिस्तान में बैठकर भारत में आतंकवाद फैलाने वाले दहशतगर्दों के इस आका के पास दो-दो मास्टर्स डिग्रियां हैं। इसने यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब से पढ़ाई की है।
मो. मसूद अजहर : जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मो. मसूद अजहर ने जुलाई 2008 में अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट को अंजाम दिया था। मसूद ने उर्दू औऱ अरबी में मास्टर डिग्री हासिल की है।
रियाज भटकल : इंडियन मुजाहिद्दीन की स्थापना इसी आतंकी ने की थी। 2006 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट, 2007 के हैदराबाद ब्लास्ट और 2008 के दिल्ली ब्लास्ट में इसका हाथ था। आतंकी बनने से पहले रियाज इंजीनियर था।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

