बाघमारा(BAGHMARA) :आज देश भर में प्रयागराज संगम के साथ साथ देश भर के विभिन्न नदियों में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे है,
धनबाद जिला स्थित बाघमारा के दामोदर नदी के तट पर भी आज लाखों लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर सूर्यदेव से अपनी मुरादे पूरी होने का आशीष मांगा..
आज 14 जनवरी का दिन जहां पूरे भारत भर में यह त्यौहार अलग अलग हिस्सों में अलग नामों से मनाया जाता है। कहीं मकर संक्रांति, कहीं लोहड़ी तो कहीं उत्तरायण, पोंगल और पौष संक्रांति के नाम से भी यह दिन प्रसिद्ध है।
झारखंड में क्यों है ये दिन खास
झारखंड की संस्कृति में यह दिन कई मायनों में खास हो जाता है, मकर संक्रांति में दही चूड़ा जैसी परंपरा के साथ साथ झारखंड टुसू परब (पर्व) के लिए भी जाना जाता है, यह पर्व पौष माह के पहले दिन ही मनाया जाता है जो फसलों की कटाई के बाद मनाया जाता है। राज्य के कई हिस्सों में टुसू मेला का भी आयोजन होता है जिसमें मुख्य रूप से गिरिडीह जिले का पारसनाथ स्थित टुसू मेला काफी प्रसिद्ध है..
NEWSANP के लिए बाघमारा से सौरव की रिपोर्ट

