तेजस्वी ने PM मोदी से पूछा सवाल… “मां तो मां होती है”..फिर आपकी पार्टी और आपका दूसरे मामले में नज़रिया कैसे बदल जाता हैं…?

तेजस्वी ने PM मोदी से पूछा सवाल… “मां तो मां होती है”..फिर आपकी पार्टी और आपका दूसरे मामले में नज़रिया कैसे बदल जाता हैं…?

पटना (PATNA): बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर सवालों का फ़ेहरिस्त साझा करते हुए PM मोदी और उनकी पार्टी से कई सवाल पूछा है….

माँ तो माँ होती है। माँ शब्द जुबान पर आते ही कितना सुकून मिलता है। जो बेजुबान है माँ तो उनकी भी होती है। किसी को भी किसी की भी माँ-बहन-बेटी के प्रति अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। इस दुनिया में मौजूद हर इंसान, जीव-जंतु, पशु-पक्षी सभी माँ की ही पैदाइश है।

प्रधानमंत्री मोदी जी महिलाओं और लड़कियों से ब्लात्कार करने वाले प्रज्वल रेवन्ना का प्रचार कर उसे जिताने की अपील करें तो वह मोदी जी का मास्टर स्ट्रोक।

मोदी जी किसी की माँ को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड बोले तो वाह मोदी जी वाह!

मोदी जी देश के लिए शहादत दे चुके साहसी प्रधानमंत्री की पत्नी और नेता प्रतिपक्ष की माँ को विधवा और जर्सी गाय बोले तो बेशर्म लोग कहेंगे कि मोदी जी ने शानदार भाषण दिया है।

मोदी जी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पैदाइश पर यह कहते हुए सवाल उठाये कि इनका DNA ही ख़राब है अर्थात् इनका खून ही ख़राब और ग़लत है तो वह सही है? जेडीयू के लोग बताए जो नख और बाल काट PMO को भेजे थे उनकी रिपोर्ट आ गई है क्या?

मोदी जी के सचेतक ने अभी कुछ दिन पहले बिहार विधानसभा में मेरी माँ को गाली दी तो मोदी जी ने उसकी पीठ थपथपाई। फिर वो कहे कि मोदी महान!

एक बीजेपी नेता ने हमारी प्रवक्ता को साड़ी-साया खोल सरेआम सड़क पर ब्लात्कार की धमकी दें तो मोदी जी उसे सम्मानित करते हुए अपने जहाज़ तक बुलाते है।

इनके प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल कल टेसू बहा रहे थे वही आदमी कुछ दिन पहले कह रहे थे कि उनसे बड़ा गालीबाज़ कोई नहीं है और वह गालियों की चलती फिरती दुकान है।

मणिपुर में भाजपाइयों द्वारा महिलाओं को निवस्त्र घुमाया गया क्या वो किसी की माँ नहीं थी?

बिहारियों को गुजरात में गाली दी जाती है तो प्रधानमंत्री चुप रहते है। बेरोजगारों और युवाओं को गाली के साथ लाठी से पीटा जाता है तो इनके टेसू नहीं निकलते है।

किसान आंदोलन में हज़ारों किसान मारे गए। किसान और नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं, लॉकडाउन में मजदूर पैदल चले, लाखों लोग मारे गए तब नहीं रोए । पुलवामा-पहलगाम और गलवान घाटी में हमारे सैनिक मारे गए जब इनके टेसू नहीं निकले।

ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। ये लोग वोट चोरी से ध्यान हटाने के लिए प्रपंच रच रहे है। माँ तो माँ होती है।

NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

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