जम्मू-कश्मीर(JAMMU KASHMIR):जम्मू-कश्मीर के रामबन में रविवार को बादल फटने से भारी तबाही मची. भूस्खलन की वजह से सड़कें गायब हो गईं, तो कई मकान मलबे में तब्दिल हो गए. सोशल मीडिया में दिल दहला देने वाले कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. वीडियो देखकर रूह कांप उठेगी. जम्मू-कश्मीर को फिर से पूराने रूप में लाने में कई दिन लग जाएंगे. राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है और कई दिन चलता रहेगा.
भूस्खलन से प्रभावित जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा. एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजमार्ग से मलबा हटा कर यातायात के लिए उसकी बहाली में लगभग छह दिन लग सकते हैं. पंथियाल और केला मोड़ के पास राजमार्ग को काफी नुकसान पहुंचा है. भूस्खलन से प्रभावित जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से वहां फंसे हुए कई यात्री पैदल ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ते दिखे. रामबन में भारी तबाही के बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया है.
स्थानीय लोगों ने जो बताया, सुनहर दिल दहल जाएगा
बाढ़ और भूस्खलन की वजह से सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह से नष्ट हो गई है. एक स्थानीय ने बताया कि अभी भी पहाड़ियों से पत्थर और चट्टानें गिर रही हैं और स्थिति डरा देने वाली है. उन्होंने कहा, हमने पिछले दो दिनों से खाना नहीं खाया है. सेरी बागना गांव निवासी मोहम्मद हाफिज ने बताया , “मैंने अपनी जिदंगी में ऐसा मौसम कभी नहीं देखा. तड़के करीब साढ़े चार बजे बादल फटने की तेज आवाज से मेरी नींद खुली और कुछ ही देर में मदद के लिए चीख-पुकार मच गई.”
बाढ़ और भूस्खलन से करीब एक दर्जन गांव बुरी तरह प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भारी बारिश और बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण जिले के करीब एक दर्जन गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. बाढ़ और भूस्खलन के कारण 250 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंस गए. इस प्राकृतिक आपदा में दो नाबालिग भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोगों को बचाया गया.
NEWSANP के लिए जम्मू कश्मीर से ब्यूरो रिपोर्ट

