डिजिटल युग में लुप्त होती पतंगबाजी को जीवंत करने की तैयारी,बच्चे व बड़े आसमान में उड़ाएंगे पतंग, दिव्यांग बच्चे भी लेंगे हिस्सा…

डिजिटल युग में लुप्त होती पतंगबाजी को जीवंत करने की तैयारी,बच्चे व बड़े आसमान में उड़ाएंगे पतंग, दिव्यांग बच्चे भी लेंगे हिस्सा…

धनबाद(DHANBAD): पतंगबाजी, जो कभी भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक थी, आज आधुनिकता, व्यस्त जीवनशैली और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के कारण लुप्त होने के कगार पर है.मोबाइल और वीडियो गेम्स ने युवाओं का ध्यान खींचा है, जिससे यह पारंपरिक खेल अब केवल कुछ त्योहारों तक सीमित होकर रह गया है, हालांकि इसके सांस्कृतिक महत्व और स्वास्थ्य लाभों के कारण इसे बचाने के प्रयास जारी हैं. मकर संक्रांति के अवसर पर धनबाद में 18 जनवरी को काइट कॉर्निंवाल का आयोजन किया जा रहा है जिसमे बच्चे बड़े आसमान में पतंग करेंगे. आसमान रंग बिरंगे पतंग से छायेगा.इस पतंगबाजी में जीवन ज्योति विद्यालय के दिव्यांग बच्चे भी भाग लेंगे.पतंगबाजी के साथ साथ ड्रॉइंग कम्पटीशन एवं डांस का भी कार्यक्रम आयोजित है.दिव्यांग बच्चों के लिए एंट्री फ्री होगी.

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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