Ranchi : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 521 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी चिटफंड कंपनी मैक्सीजोन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्रों में स्थित परिसरों पर की जा रही है।
रांची। करीब 521 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में फंसी मैक्सीजोन चिटफंड कंपनी के खिलाफ ED की टीम ने गुरुवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 20 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह छापेमारी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद इलाके में स्थित ठिकानों पर जारी है।
मैक्सीजोन चिटफंड घोटाले में जमशेदपुर में तीन प्राथमिकी दर्ज हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर ED की रांची स्थित जोनल कार्यालय ने पीएमएलए के तहत इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी। इसी केस के आधार पर 16 सितंबर 2025 को भी ED ने झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में कंपनी के संचालकों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी।
निवेश का लालच देकर 521 करोड़ की ठगी
मैक्सीजोन के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को अधिक रिटर्न का लालच देकर 521 करोड़ रुपये की ठगी की। यह राशि 21 बैंकों में जमा थी। ED की जांच में पता चला कि ठगी के रुपयों से चंद्रभूषण ने करोड़ों की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है।
चंद्रभूषण सिंह नोएडा में दीपक सिंह के नाम से रह रहे थे, जहां उन्हें स्थानीय पुलिस ने ठगी मामले में गिरफ्तार किया था। वह मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के निवासी हैं। उनकी चिटफंड कंपनी मैक्सीजोन के खिलाफ जमशेदपुर में तीन केस दर्ज हैं, वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में भी प्राथमिकी दर्ज है।
इस कार्रवाई से मैक्सीजोन घोटाले की जांच और ठगी के रुपयों की ट्रैकिंग में और तेजी आने की संभावना है।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

