बिहार(BIHAR): बिहार में अपने बयान से कई बार बवाल और विवाद पैदा कर चुके राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के चर्चित विधायक भाई वीरेंद्र को उनके विधानसभा क्षेत्र मनेर के एक पंचायत सचिव ने हड़का दिया है। पटना जिले की मनेर विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक बने भाई वीरेंद्र लालू यादव व तेजस्वी यादव के करीबी और राजद के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। भाई वीरेंद्र ने एक पंचायत सचिव को किसी मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर फोन किया था, जिस दौरान सिर्फ नाम बोलने से नहीं पहचान पाए पंचायत सचिव और उनके बीच प्रोटोकॉल और बात करने के तरीके पर बहस हो गई। पंचायत सचिव भी जबर निकला और कह दिया- “टेढ़ी बतियाइएगा तो टेढ़ी बतियाएंगे।”
भाई वीरेंद्र और पंचायत सचिव के बीच इस बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया है। जाहिर तौर पर बातचीत विधायक और पंचायत सचिव के बीच की है तो ऑडियो भी इन दोनों में ही किसी ने जारी किया है। विधायक का मूड फोन की शुरुआत में ही तब खट्टा हो गया, जब पंचायत सचिव ने भाई वीरेंद्र बोल रहा हूं कहने पर उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। पंचायत सचिव ने दुआ-सलाम नहीं किया और कहा- हां बोलिए।
इस बात से विधायक भाई वीरेंद्र उखड़ गए। कहने लगे- बोलिए, कौन बोल रहा है रे। तो सचिव ने पूछा- किनसे बात करना है आपको। इस पर विधायक बोले- पंचायत सचिव से बात करना चाह रहा हूं। सचिव बोला- हां, पंचायत सचिव बोल रहा हूं। बोलिए। इसके बाद का संवाद इस तरह बिगड़ता चला गया।
भाई वीरेंद्र- अरे तो भाई वीरेंद्र को तुम नहीं पहचानता है। अ तुम कहेगा कि बोलिए। आंय।
पंचायत सचिव- अपना परिचय दीजिएगा तब ना।
भाई वीरेंद्र- अरे भाई वीरेंद्र का नाम परिचय देना पड़ता है। भाई वीरेंद्र मेरा नाम है। तुम नहीं जानता है भाई वीरेंद्र कौन है तुम्हारा। भाई वीरेंद्र मनेर का कौन है, नहीं जानते हो तुम।
पंचायत सचिव- नहीं। जानकारी रहता तो ऐसे थोड़े बतियाते।
भाई वीरेंद्र- कहां, इंग्लैंड का है तुम। मनेर का विधायक को नहीं जानता है तुम।
पंचायत सचिव- हां विधायक जी बोलिए।
भाई वीरेंद्र- हां विधायक जी बोलिए। फिर जूता से मारेंगे खींचकर। समझा। तुम टेप करो, चाहे जो करो। तुम कह रहा है विधायक जी बोलिए। प्रोटोकॉल का ख्याल नहीं रखेगा रे। प्रोटोकॉल का ख्याल नहीं रखेगा रे। हिन्दुस्तान जानता है और तुम कह रहा है कि भाई वीरेंद्र कौन है, नहीं जानते हैं। आंय। रे बोलता काहे नहीं है।
पंचायत सचिव- अरे तो बोलिए ना क्या बात है। प्रणाम करना चाहिए। प्रणाम विधायक जी। हां, बोलिए।
भाई वीरेंद्र- अरे ये रिंकी देवी का, रिंकी देवी के पति का बनना है, अविनाश कुमार का मृत्यु प्रमाण पत्र बनना है। बनवाइए।
पंचायत सचिव- आवेदन मेरे पास आया हुआ है उनका।
भाई वीरेंद्र- आवेदन गया हुआ है। कब का। 13 से ही। काम मत करो। कर्मचारी हो, कर्मचारी जैसन काम करो।
पंचायत सचिव- आप भी प्रेम से बतियाइएगा तो प्रेम से बतियाएंगे। ठीक है ना। नहीं तो जहां जो करना होगा, करते रहिएगा। कौई ऐसा डर नहीं है हमको। ठीक है। सीधा बतियाइएगा तो सीधा बतियाएंगे। टेढ़ी बतियाइएगा तो टेढ़ी बतियाएंगे। आपसे डरने वाला कोई नहीं है यहां।
भाई वीरेंद्र- आंय। अरे तुम इस तरह का भाषा बोलेगा रे।
पंचायत सचिव- हां। पहले आप ही ना उस भाषा में बोल रहे हैं। आप जनप्रतिनिधि हैं तो आपको पहले प्रेम से बात करना चाहिए, पूछना चाहिए कि आपके पास ये आवेदन..
भाई वीरेंद्र- अरे हम कहे कर्मचारी बोल रहे हैं, तो हां हम कर्मचारी बोल रहे हैं। हम भाई वीरेंद्र बोल रहे हैं। तो कौन भाई वीरेंद्र।
पंचायत सचिव- हम नहीं जानते थे कि यहां के विधायक जी का क्या नाम है।
भाई वीरेंद्र- तुम नहीं जानता है विधायक जी का नाम।
पंचायत सचिव- हां नहीं जानते थे।
भाई वीरेंद्र- तुमको नौकरी करने का अधिकार नहीं है ना मनेर में। नहीं जानते हो तुम अपने जनप्रतिनिधि का।
पंचायत सचिव- जाके लिखित दे दीजिए। ट्रांसफर करा दीजिए।
भाई वीरेंद्र- ट्रांसफर नहीं। अब दूसरा बात हो जाएगा ना।
पंचायत सचिव- उतना धमकी मत दीजिए। उतना धमकी से कोई डरने नहीं जा रहा है। दूसरा बात हो जाएगा, क्या हो जाएगा।
भाई वीरेंद्र- कहां का है रे तू।
पंचायत सचिव- अरे, काम का बात कीजिए ना। क्या काम है।
भाई वीरेंद्र- मैंने काम कहा ना।
पंचायत सचिव- वो प्रोसेस में गया हुआ है। बीएसओ सर के ऑफिस में आवेदन जाना है। वहां से जिला लॉग इन में जाएगा। वहां से फारवर्ड होकर आएगा अनुशंसित होकर हम लोग के लॉग इन में तब बनेगा।
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

