टूटे पाइप, खराब मोटर, लापता नल के जरिए पहुंच रहा हर घर जल…

टूटे पाइप, खराब मोटर, लापता नल के जरिए पहुंच रहा हर घर जल…

बिहार(BIHAR): मल्लडीहा… पूर्णिया जिले का गांव। यही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचईडी) मंत्री नीरज कुमार सिंह का गांव है। सुपौल जिले में छातापुर उनका विधानसभा क्षेत्र भी है। मल्लडीहा और छातापुर, दोनों में ‘हर घर नल का जल योजना’ का हाल बुरा है। मल्लडीहा की महादलित बस्ती, रामपुर नया टोला का वार्ड 6, मंत्री जी के घर से थोड़ी ही दूर है। पूर्व मुखिया मीना देवी बताती हैं कि चार महीने से पानी नहीं आ रहा है। महादलित बस्ती में कुछ संथाल परिवार भी हैं।….

सूर्यमणि किस्कू बोलीं-नल से ठोपे-ठोप पानी गिरता है। बहुत आयरन है। बहुत घरों में तो पानी आता ही नहीं। रामसेवक ऋषिदेव जदयू के नेता हैं। बताते हैं- दो साल से पानी नहीं मिल रहा है। भदौरिया टोला के विवेक कुमार सिंह की सुनिए…

बहुत गंदा पानी आता है। यहां विनोद सिंह के अहाते में पंप और टंकी लगी है। यह इलाका पानी में आर्सेनिक और आयरन की अधिकता को लेकर बदनाम है..

1. डहरिया पंचायत के वार्ड 9 के राजेंद्र यादव की जमीन पर पंप- टंकी 1 साल से बंद है। रोड बनाने में पाइप फट गई क्योंकि पाइप नीचे नहीं बिछाई। उसके ऊपर रोड बना दी..

2. चुन्नी पंचायत के वार्ड 11 के सोना सिंह के अहाते में पंप-टंकी है। चार महीने से पंप में बिजली नहीं है। पाइपलाइन में लीकेज है। सोना सिंह खुद चापाकल का पानी पीते हैं..

3. . डहरिया पंचायत के वार्ड 10 के सदानन्द यादव की जमीन पर पंप-टंकी है। बोले-आज तक सफाई नहीं हुई।10 दिन से गड़बड़ी है। कुछ घरों में पानी जाता है, कुछ में नहीं..

4. भगवानपुर पंचायत, वार्ड 4 बी के बलदेव मेहता की जमीन पर पंप-टंकी है। पंप हाउस में बहुत सारी नल की टोटी रखी है। जबकि इलाके के बहुत सारे नलों की टोटी टूटी हुई है….

सीधी बात – पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह-‘हर घर नल का जल’ योजना क्यों फ्लॉप मानी जा रही? फ्लॉप वाली बात बेतुकी है। अशुद्ध पानी से बीमार होने वालों तक शुद्ध पेयजल जा रहा है।-इतनी गड़बड़ी, शिकायतें? ऐसा नहीं है। लोगों को पानी मिल रहा है। चीजों को ठीक करने में हम लगातार लगे हैं।….

आपके गांव और विधानसभा में ही हालत बहुत खराब है? हम तो खोजते रहते हैं कि कहां खराबी है? गड़बड़ी तुरंत ठीक कराई जाती है। लगातार मॉनीटरिंग हो रही है। कई लेवल से जांच का इंतजाम है। उड़नदस्ता है। डीएम भी जांच करते हैं। शिकायत के लिए कई टोल फ्री नंबर हैं।…..

गरीब लोग क्या करेंगे? उनकी कोई सुनता है क्या? गजब बात है। मैंने कहा न कि शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होती है।-बहुत इलाकों में तो यह योजना पहुंची भी नहीं है? जहां नहीं है, वहां महीने-डेढ़ महीने में काम शुरू होगा। पीएचईडी द्वारा अब तक 1 करोड़ 74 लाख 47 हजार परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है।…

आखिर इस योजना के संचालन में दिक्कत क्या है? कई दिक्कतें हैं। सड़क निर्माण के दौरान पाइप टूट जाता है। पाइप के ऊपर सड़क ढाल दी जाती है। पाइप ठीक करने जाते हैं, तो सड़क को छूने भी नहीं दिया जाता…

NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

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