झारखण्ड झुकेगा नहीं! सियासत में अटकले, आशंका और अनहोनी…

झारखण्ड झुकेगा नहीं! सियासत में अटकले, आशंका और अनहोनी…

रांची(RANCHI): सियासत का केंद्र बिंदु सत्ता होती हैं, कब क्या हो जाए?, कब क्या पलट जाए?, कौन दोस्त और कौन दुश्मन बन जाए कोई नहीं जानता?. यहां सरगोशियों का बसेरा और ख्वाहिशों की दुनिया रहती हैं. क्योंकि यही राजनीति हैं. जिसकी रग -रग में एक उथल -पुथल और बवंडर छिपा -ढका रहता हैं.
झारखण्ड की 25 सालों की सियासत को देखे, पलटे और पढ़े तो इसके इतिहास के दरिचों को खोलने पर आपको काफ़ी हलचले और हिचकोले देखने को मिलेगी. जहां जोड़ -तोड़, अलगाव -मिलन और इधर से उधर जाने का इतिहास रहा हैं. यहां की सियासत में तूफान कभी शांत नहीं होता. वह रह रहकर आते रहती हैं.

क्या NDA में जायेंगे हेमंत सोरेन ?

अभी -अभी चर्चा तेज हैं की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन से हटकर NDA के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे. ये बिल्कुल दो धुर्व का मिलन लगता हैं क्योंकि ऐसा मुनासिब नहीं दिखता. हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की जोड़ी ने जिस तरह अपने विरोधी यानि भाजपा के खिलाफ विधानसभा चुनाव में हुंकार भरी थी और पटखनी दी थी और जिस तरह समर्थन मिला था. याकायक उसी विरोधी से मिलकर सरकार बनाएंगे ये बात गले तो नहीं उतरती. खैर सियासत में सबकुछ संभव हैं इससे इंकार नहीं किया जा सकता. लेकिन जेएमएम का भाजपा के साथ मिलन की बात तो नहीं पचती हैं.

झारखण्ड झुकेगा नहीं!

जेएमएम की तरफ से भी इसका खंडन किया गया हैं. खुद हेमंत सोरेन ने झारखण्ड सरकार के एक साल पूरे होने पर रांची के मोरहाबादी मैदान में मुस्कुराते हुए नजर आए और विरोधियों के खिलाफ गरजे और अपने अंदाज में तंज कसा. इससे तो नहीं लगता कि इतना बड़ा कदम उठायेंगे. उनकी पार्टी की तरफ से भी ओहदेदार मंत्री और नामचीन चेहरे भी इसे बेतुका और बकवास बता रहें हैं.
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के टिवटर हैंडल से भी ये लिखा गया “झारखण्ड झुकेगा नहीं “
इससे तो अंदाजा पूरा नहीं लगता, लेकिन एक कयास तो लगता हैं कि जेएमएम ऐसा नहीं कर सकती.
याद होगा जब हेमंत सोरेन जमीन घोटाले के आरोप में जेल में बंद थे तो ऐसे ही पोस्टर राजधानी रांची में लगे थे कि “झारखण्ड झूकेगा नहीं ” उस समय साफ -साफ एक उलगुलान था कि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और हेमंत सोरेन झुकने वाले नहीं हैं.

बीजेपी -कांग्रेस ने बताया अफवाह

इधर झारखण्ड भाजपा के प्रवक्ता भी इन सब बातों को हवा हवाई और ख़ालिस फालतू बता रहें हैं.
महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस भी इसे महज अफवाहे बता रही हैं. केसी वेणुगोपाल ने तो साफ तौर पर कहा कि झारखण्ड में हमारा गठबंधन अडिग हैं.
अब सवाल हैं कि बात कहा से उठी कि जेएमएम NDA के साथ मिलने जा रही हैं.

हेमंत के दिल्ली दौरे से चर्चा हुई तेज़

दरअसल, हेमंत सोरेन और उनकी वाइफ कल्पना सोरेन दिल्ली दौरे पर थी. इस दरमियान दावा किया गया कि वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में है . इसपर हवाला दिया गया कि बिहार चुनाव में जिस तरह राजद और कांग्रेस ने उन्हें दरकिनार किया . इसी नाराजगी के चलते ऐसा होने जा रहा हैं और इसकी कहानी दिल्ली में लिखी जा रही हैं.हालांकि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने इसे निजी यात्रा बताया है.
इन अटकलों को बल तब और ज्यादा मिला.जब झारखण्ड के राज्य्पाल संतोष गंगवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की.

क्या ऐसा संभव है?

झारखण्ड की मौजूदा सरकार में महागठबंधन के कुल 56 विधायक है. जिसमे जेएमएम के अकेले 34 है. वही कांग्रेस के 16 और राजद के 4 और लेफ्ट के 2 विधायक है. ऐसे में हेमंत सोरेन को सरकार चलाने में तो कोई खतरा नहीं है. हा बिहार विधानसभा चुनाव में जेएमएम 7सीट मांग रही थी. लेकिन झारखण्ड की सत्ता में शामिल राजद और कांग्रेस ने नहीं दिया. ऐसे में लाजमी है की जेएमएम मर्माहत थी. क्योंकि ऐसा सोचा नहीं गया था कि सहयोगी राजद और कांग्रेस ऐसा करेंगी.

झारखण्ड की राजनीति में जेएमएम का अपना वजूद रहा है. आदिवासी वोटबैंक उसका आधार है.संताल परगना और कोल्हान में अच्छी पकड़ है. अगर जेएमएम विरोधी भाजपा से मिलेगी तो लाजमी है कि इससे उसका फायदा कम और नुकसान ज्यादा है.क्योंकि उसकी सियासत ही भाजपा के खिलाफत रही है. पिछले दो विधानसभा चुनाव में सफलता इसका प्रमाण है.

राजनीति में अंतिम सत्य कुछ भी नहीं

खैर राजनीति में अंतिम सत्य कुछ भी नहीं होता है . इसकी तासीर में कुछ स्थायी नहीं होती. ऐसे में कुछ भी संभव और संभवाना बनीं रहती है.
इधर भाजपा की कोशिश तो हमेशा अपने विरोधियों पर डोरे डालने, ऑपरेशन लोटस करने और सत्ता हथियाने के ताक पर रही है. इसीलिए वह चुप बैठेगी ये मुमकिन नहीं है. “ऐसे नहीं, तो वैसे” कोई न कोई चाल तो भाजपा चलते रहेगी. याद होगा हेमंत सोरेन की पिछली सरकार में ही काफ़ी हिचकोले देखने को मिले थे और भाजपा ने अच्छा दर्द दिया था.
वैसे अब इस नए सियासी एपिसोड का क्या अंत होगा?.समय ही इसकी तस्वीर सब साफ कर देगी. तब तक इंतजार ही करना चाहिए.

NEWSANP के लिए शिवपूजन सिंह की रिपोर्ट

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