निरसा(NIRSA): झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ द्वारा निरसा स्थित धैया (आमंत्रण स्थल) में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संघ के संस्थापक संतोष कुशवाहा ने कहा कि हाल के दिनों में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा मीडिया के समक्ष JBVNL निरसा के सहायक विद्युत अभियंता नीतीश कुमार एवं अन्य बिजली कर्मियों के विरुद्ध बिना तथ्यों की पुष्टि किए दिए गए बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान न केवल विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल गिराने वाले हैं, बल्कि सच्चाई से परे भी हैं। संघ ने मांग की कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
संघ के अनुसार, दिनांक 28/01/2026 को सहराज ग्राम में JBVNL के अधिकारी एवं कर्मचारी विद्युत चोरी की रोकथाम हेतु गठित छापेमारी दल के तहत गए थे। इसी दौरान ग्रामीणों द्वारा पहले भीड़ एकत्र की गई और बाद में छापेमारी दल पर हाथापाई, लाठी-डंडे एवं ईंट-पत्थरों से हमला किया गया।
इस हमले में छापेमारी दल में शामिल
- सहायक विद्युत अभियंता नीतीश कुमार,
- सारणी पुरुष हरेंद्र कुमार रवानी,
- देवेंद्र कच्छप,
- रोशन केरकेट्टा,
- मानव दिवस कर्मी हफीजुद्दीन अंसारी,
- संजय कुमार, जितेन गोराई, प्रसंजित मोदक,
- विकास कुमार, सूर्य भूषण एवं अलाउद्दीन अंसारी
उपस्थित थे।
संघ ने बताया कि हमले के दौरान हरेंद्र कुमार रवानी, देवेंद्र कच्छप, जितेन गोराई एवं प्रसंजित मोदक को पकड़कर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, निरसा में कराया गया।
प्रेस वार्ता में संघ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकारी कर्मियों पर इस प्रकार का हमला कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। संघ ने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं झारखंड सरकार से मांग की कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में विभागीय कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
संघ ने यह भी कहा कि बिजली चोरी रोकथाम जैसे कार्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इस दिशा में कार्य कर रहे कर्मचारियों को डराने या बदनाम करने के बजाय उनका सहयोग किया जाना चाहिए।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

