झारखंड में एक लाख सरकारी पदों पर होगी नियुक्ति, आदिवासी और मूलवासी को ही तृतीय-चतुर्थ वर्ग में मिलेगी नौकरी…सभी पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण, बीमा और पेंशन, किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण

झारखंड में एक लाख सरकारी पदों पर होगी नियुक्ति, आदिवासी और मूलवासी को ही तृतीय-चतुर्थ वर्ग में मिलेगी नौकरी…सभी पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण, बीमा और पेंशन, किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण

रांची(RANCHI): षष्टम झारखंड विधानसभा के पहले सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का अभिभाषण हुआ। राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार और उनकी कंपनियों के पास पड़े झारखंड का बकाया 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपया वापस लाने के लिए राज्य सरकार कानूनी रास्ता अपनायेगी।राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार की सभी नियुक्तियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत पद आरक्षित किये जायेंगे। राज्य की सभी महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना के तहत सम्मान राशि के रूप में 2,500 रुपये हर महीने दिये जायेंगे।*एक लाख सरकारी पदों पर होगी नियुक्ति*राज्यपाल ने कहा कि राज्य में 60,000 पदों पर शिक्षकों, 15,000 पदों पर प्रधानाध्यापकों, विभिन्न कार्यालयों में 2,500 पदों पर लिपिकों और विभिन्न थानों में 10,000 पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की जायेगी। इसके अलावा क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10,000 पदों पर भाषा शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। थर्ड और फोर्थ ग्रेड की सभी नौकरियों में आदिवासी और मूलवासियों को देने का भरोसा दिलाया।*सभी पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण, बीमा और पेंशन*राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि राज्य में निबंधित सभी पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण, बीमा और पेंशन का अधिकार सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सहारा इंडिया से पीड़ित राज्य के निवेशकों की लड़ाई सर्वाेच्च न्यायालय से लेकर राज्य के हर न्यायालय और संसद से लेकर सड़क तक हर मोर्चे पर पूरी मजबूती से लड़ी जायेगी, जब तक राज्य के सभी निवेशकों का भुगतान न हो जाये।*किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण*किसानों को 0 प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। जबकि मनरेगा के तहत झारखंड के मजदूरों को भारत सरकार बहुत कम मजदूरी देती है। इस भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करने के साथ-साथ राज्य सरकार अपनी निधि से राज्य के मनरेगा मजदूरों को सहयोग करेगी, जिससे कि उन्हें न्यूनतम 350 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल सके।*राज्य के सभी प्रखंड में डिग्री कॉलेज*राज्य भर में प्रखंड स्तर पर 500 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करेंगे, सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में खेल शिक्षक एवं संगीत शिक्षक की नियुक्ति की जायेगी। साथ ही 4,500 पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालय प्रारंभ किये जायेंगे। राज्य में प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज एवं प्रत्येक अनुमंडल में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की स्थापना की जायेगी।*मदरसा बोर्ड और उर्दू अकादमी का गठन*संतोष गंगवार ने कहा कि राज्य में मदरसा बोर्ड का गठन किया जायेगा। राज्य में अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड एवं उर्दू अकादमी का गठन किया जायेगा। हो, मुंडारी, कुडुख और अन्य जनजातीय भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की पहल करेंगे। सरकार आदिवासी-मूलवासी को स्थानीय नीति बनाकर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में शत प्रतिशत आरक्षण देने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्षों से खासमहल और जमाबंदी की जमीनों पर रह रहे परिवारों को मान-सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने के साथ-साथ गैरमजरूआ जमीन पर बसे रैयतों की भूमि जिसकी रजिस्ट्री और रसीद काटने पर 2017 में रोक लगा दी गयी थी, उसे प्रारंभ किया जायेगा।राज्य के सभी जरूरतमंद परिवारों को 15 लाख रुपये के अनुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ा जायेगा। राज्य के सभी गरीब व्यक्ति को प्रति महीने 7 किलोग्राम चावल और 2 किलोग्राम दाल उपलब्ध कराया जायेगा। अबुआ आवास योजना के तहत 25 लाख से अधिक गरीब परिवारों को सुविधायुक्त तीन कमरों का सुंदर आवास चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जायेगा।

NEWS ANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

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