धनबाद (DHANBAD):धनबाद विधायक राज सिन्हा ने झारखंड विधानसभा में आज पेश वित्तीय वर्ष 2025 -26 बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बजट का मूल आकार एक करोड़ 45 लाख 400 रुपए का है जबकि पिछले बजट 24 – 25 का आकार 128900 करोड रुपए का था।
विधायक राज सिन्हा ने कहा कि, बजट को ध्यान से देखने पता चलता है कि , यह अबुआ बजट नहीं बल्कि बबुआ या बाबुओं का बजट है। अगर यह कहा जाए की नई बोतल में पुरानी शराब है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। पिछले बजट से वित्तीय वर्ष 25 -26 का आकलन करने से पता चलता है कि, पिछले बजट में जहां ग्रामीण विकास, पथ निर्माण विभाग ,ऊर्जा विभाग ,कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ,गृह आपदा तथा महत्वपूर्ण विभाग सभी विभाग के बजट को घटाकर सिर्फ सरकारी राजस्व दुरूपयोग करने के लिए महिला एवं बाल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ना तो शिक्षा ना तो कृषि क्षेत्र में ना ही रोजगार सृजन के बारे में न हीं नगर विकास को बढ़ावा देते हुए रोजगार सृजन करने में न हीं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में न हीं किसान की आय को दोगुनी करने के लिए नहीं पर्यटक क्षेत्र को विकसित कर रोजगार के अवसर उत्पन्न करने की दिशा में बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान किया गया है। कृषि आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए
” बीज से लेकर बाजार तक” किसानों का कोई ख्याल नहीं रखा गया है।
इस प्रकार से यह बजट सिर्फ झूठ का पुलिंदा है।
जब सदन में यह पूछा गया कि राज्य का 1.36 लाख करोड़ रूपया केंद्र सरकार के पास किस-किस मद और किस अवधि का है तो राज्य सरकार के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था। बजट में भी इसका उल्लेख नही किया गया है जबकि राज्य सरकार राजनीतिक लाभ लेने के लिए भ्रम फैलाने का कार्य कर रही है.पिछले 5 वर्षों में यह सरकार जिस प्रकार भ्रम फैलाने और बजट में जिन बातों का घोषणा और समावेश किया था ठीक उसी प्रकार पूर्व के बजट की कॉपी तैयार कर बजट पेश कर दी गई है.अतः यह बजट पूरी तरह से भ्रामक है और झारखंड के मजदूर ,किसान, दलित ,पीड़ित ,शोषित ,वंचित और आदिवासी बेरोजगारों के किसी भी प्रकार से हित करने वाला नहीं है।
NEWSANP के लिए कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

