झारखंड(JHARKHAND):मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर निवासी अंकित कुमार मिश्रा (21 वर्ष), पिता अरुण मिश्रा, वही युवक है जिसने धमकी भरा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था. बुधवार सुबह से ही वीडियो तेजी से वायरल होने लगा था जिसमें आरोपी युवक खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए मंत्रियों को धमकाता दिख रहा था. वीडियो में वह साफ कहता है घर से कसम खाकर निकले हैं, जब तक नहीं मारेंगे तब तक घर वापस नहीं जाएंगे. वीडियो वायरल होने के बाद गिरिडीह पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने तत्काल एसआइटी का गठन किया. सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर आरोपी का लोकेशन ट्रेस कर लिया. इसके बाद बुधवार को पटना जंक्शन से अंकित को दबोचकर गिरिडीह लाया गया.
किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़ाव की पुष्टि अब तक नहीं
वृंदावन जाने की फिराक में था अंकित
पुलिस के मुताबिक आरोपी अंकित 26 अगस्त को बिहार के जमुई पहुंचा था. अगले दिन यानी 27 अगस्त को वह घूमते घूमते जमुई में एक राजनीतिक कार्यक्रम में चला गया और वहीं धमकी भरा वीडियो बनाया. इसके बाद उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. सोशल मीडिया में वीडियो डालते ही वह आग की तरह फैल गयी. इसके बाद वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गयी. गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर एक एसआईटी टीम का गठन किया गया. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह जमुई में ही था, लेकिन बाद में उसका लोकेशन लगातार बदलता गया जिससे यह पता चला कि वह ट्रेन से सफर कर रहा है. इसी बीच खबर मिली कि वह एक स्थानीय नेता से मिलने भी गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है. पुलिस टीम ने जब अंकित का पीछा किया तो देर शाम उसका लोकेशन पटना जंक्शन में पाया गया. गिरिडीह पुलिस बिहार पुलिस के सहयोग से तुरंत पटना पहुंची और गहन तलाश के बाद उसे वहीं से दबोच लिया. पूछताछ में अंकित ने खुलासा किया कि वह पटना से ट्रेन पकड़कर वृंदावन जाने वाला था.
आरोपी अंकित मिश्रा पर पहले से दर्ज हैं धमकी, रंगदारी और चोरी के मामले
एसआइटी में ये अधिकारी थे शामिल
एसआईटी टीम में सदर एसडीपीओ जीतवाहन उड़ाओ, साइबर डीएसपी आबिद खान, मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन, साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, एसआई प्रिनन कुमार, एसआई संजय कुमार, एसआई विक्रम सिंह, आरक्षी जोधन महतो, शिवम कुमार और रंजन कुमार शामिल थे.

