झारखंड की 29 जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति 50 फीसदी से कम, मार्च 2024 तक में पूरा होना था काम…

झारखंड की 29 जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति 50 फीसदी से कम, मार्च 2024 तक में पूरा होना था काम…

रांची(RANCHI) : जल जीवन मिशन के तहत झारखंड में चल रही हर घर नल जल योजना की हालत बेहाल है. राज्य में 100 करोड़ से अधिक की 45 जलापूर्ति योजना का काम जारी है. इसमें से 29 योजनाओं की प्रगति धरातल पर 50% से भी कम है. ईटखोरी ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति, तालझरी फुल ब्लॉक जलापूर्ति और बोरियो फुल ब्लॉक जलापूर्ति योजना का काम तो वर्ष 2024 में ही पूरा होना था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो पाया है. 107.85 करोड़ की तालझरी ब्लॉक योजना की भौतिक प्रगति सिर्फ 32% है. इस योजना का काम 19 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था, जिसे 31 मार्च 2024 तक पूरा करना था.

17502 घरों तक पहुंचेगी नल से जल
हर घर नल जल योजना अगर योजना धरातल पर उतरती है, तो 17502 घरों तक नल से जल पहुंचेगा. इसी प्रकार 127.34 करोड़ की बोरियो फुल ब्लॉक योजना का भी 31 मार्च तक ही पूरा किया जाना था, लेकिन इस योजना पर सिर्फ 50 % ही काम हो पाया है. इसकी वजह से 15,555 घरों तक नल से जल नहीं पहुंच पाया है. 127.78 करोड़ की ईंटखोरी ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति का काम भी 90% तक पूरा हो पाया है. इस योजना का भी 31 मार्च 2024 को ही पूरा किया जाना था. ऐसे में आज भी भी इस ब्लॉक के 10528 घरों को पेयजल का इंतजार है.

जानिए क्या है वजह
कुलियान योजना में धरातल पर काम नहीं हुआ शुरू
पूर्वी सिंहभूम की 102.78 करोड़ की लागत वाली कुलियान ग्रामीण जलापूर्ति योजना की प्रगति अभी शून्य है. यहां धरातल पर काम भी शुरू नहीं हो पाया है. जबकि इस योजना का काम 30 जून 2025 तक पूरा किया जाना है.

जेजेएम योजना का विस्तार 2028 तक
केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में हर घर नल जल योजना की शुरुआत की थी, जो दिसंबर 2024 में पूरी होनी थी. एक बार फिर केंद्र सरकार ने झारखंड समेत कई राज्यों में इस योजना को 2028 तक विस्तार दिया है. लेकिन झारखंड के गिरिडीह जिला में चल रही 104.57 करोड़ की गोरहंद ग्रामीण जलापूर्ति योजना को पूरा करने के लिए 13 दिसंबर 2029 तक का समय दिया गया है. अब तक इस योजना का 68 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. इस योजना के तहत 14790 घरों तक पानी पहुंचाया जाना है.

फरवरी में धरातल पर उतरनी थी योजनाएं, काम हुआ 25%
100 करोड़ से अधिक लागत की पांच योजनाओं को इस वर्ष फरवरी माह तक धरातल पर उतारा जाना था. लेकिन पलामूजिला में 444.59 करोड़ की लागत वाली छत्तरपुर नवडीहा बाजार हरिहरगंज मल्टी विलेज स्कीम का काम सिर्फ 25% पूरा हो पाया है. इसी प्रकार गढ़वा जिला में 134.52 करोड़ की नगर उंटारी-रमना ग्रामीण जलापूर्ति योजना की प्रगति रायकेला-खरसावां जिला की 107.29 करोड़ की सीटू-टिकरा-लेपटांड मीण जलापूर्ति की प्रगति 53 %, जामताड़ा जिला की 229.05 करोड़ की मताड़ा फुल ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति की प्रगति 31 % व धनबाद जिला 71.57 करोड़ की बाघमारा फुल ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति की प्रगति 45 फीसदी ही है. इसी प्रकार दुमका जिला की 277.10 करोड़ की शिकारीपाड़ा- काठीकुंड योजना को 31 जनवरी 2025 पूरा करना था, लेकिन अब तक 64 फीसदी ही काम हो पाया है.

NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

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