जामताड़ा सब-जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत हुई है। परिजनों ने इनकी हत्या का आरोप लगाया है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग हो रही है…

जामताड़ा सब-जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत हुई है। परिजनों ने इनकी हत्या का आरोप लगाया है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग हो रही है…

जामताड़ा(JAMTADA):जामताड़ा सब-जेल (उपकारा) में बुधवार देर रात एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। मृतक कैदी की पहचान ललम सोरेन, पिता दिवंगत सोमरा सोरेन, ग्राम – कुंबेड़िया, थाना – नाला, जिला – जामताड़ा निवासी के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, ललम सोरेन हत्या के एक मामले में आरोपी था। पिछले कुछ महीनों से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था।

घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में मची अफरा-तफरी

बताया गया कि बुधवार की रात जेल के भीतर अचानक एक कैदी की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई कैदी भयभीत दिखे।

हत्या का आरोप, परिवार ने उठाए गंभीर सवाल

मृतक के परिजनों को जैसे ही घटना की सूचना मिली। वे बड़ी संख्या में जामताड़ा पहुंचे और जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों ने कहा कि ललम सोरेन की मौत स्वाभाविक नहीं है। बल्कि साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। उनका कहना है कि मृतक के शरीर पर कई चोट और घाव के निशान थे। जो इस बात का संकेत देते हैं कि उस पर अत्याचार किया गया।

परिवार की मांग है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। ताकि असल सच्चाई सामने आ सके। परिजनों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच समिति गठित की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इसे गंभीर बताया है। उनका कहना है कि यदि जेल के भीतर बंद एक कैदी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है। तो यह कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जामताड़ा सब-जेल की स्थिति लंबे समय से खराब बताई जाती रही है — कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक, सुविधाओं का अभाव, और सुरक्षा मानकों की अनदेखी यहाँ आम बात बन चुकी है।

प्रशासन ने कहा कार्रवाई – पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी

इस बीच, जामताड़ा के जेल अधीक्षक और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए गए हैं। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि परिवार के सभी आरोपों की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर तनावपूर्ण माहौल, ग्रामीणों में आक्रोश

मृतक के गांव कुंबेड़िया में इस घटना की खबर फैलते ही शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि जेल के भीतर इस तरह की घटनाएं मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों को सजा नहीं मिली तो आंदोलन किया जाएगा।

पृष्ठभूमि – हत्या के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, ललम सोरेन को कुछ महीने पहले नाला थाना क्षेत्र में एक हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह विचाराधीन कैदी के रूप में सब-जेल, जामताड़ा में बंद था। परिवार का कहना है कि उसका मामला अभी ट्रायल स्टेज में था और अदालत में अगली सुनवाई इसी महीने होनी थी।

मानवाधिकार आयोग तक मामला पहुंचाने की तैयारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ सामाजिक संगठनों ने इस घटना की सूचना राज्य मानवाधिकार आयोग को देने की तैयारी शुरू कर दी है। वे चाहते हैं कि आयोग स्वयं संज्ञान ले और जेल की स्थिति तथा इस मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच कराए।

समापन – न्याय की राह में एक और प्रश्नचिह्न

जामताड़ा सब-जेल में ललम सोरेन की मौत ने एक बार फिर जेलों में कैदियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के लिए यह मामला केवल एक जांच नहीं, बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता और जिम्मेदारी की परीक्षा बन गया है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

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