
जामताड़ा(JAMTADA):झारखंड के सबसे शांत जिला के श्रेणी में जाना जाता था। वहां स्वर्ण व्यवसायी पर हुए जानलेवा हमले और लूट की वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। “जहां कभी खरिददारो की चहचहाहट बोलती थी।वहां आज गोलियों की आवाज कान में गूंज रही है”—इसी पीड़ा और आक्रोश के बीच जामताड़ा जिला नागरिक विकास मंच एक अरसे बाद पुनः सक्रिय हुआ और पुराने कोर्ट परिसर में एक सर्वदलीय, सर्वसमाज की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजा नंद गोपाल सिंह ने की। इसमें भाजपा से संतन मिश्रा, सोमनाथ सिंह, कांग्रेस से नंद किशोर सिंह, अजित तिवारी, आजसू से राजेश महतो, आम आदमी पार्टी से राजाराम राय, अधिवक्ता संघ से सुमन चक्रवर्ती सहित कई सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंच से एक स्वर में मांग उठी—“गोली चलाने वालों को शीघ्र पकड़ो, शहर को भयमुक्त करो।”
“डर के साये में शहर, जवाबदेही तय हो”
अध्यक्षीय संबोधन में नंद गोपाल सिंह ने कहा कि इस घटना से शहर के लोग भयभीत हैं। “अपराध का दंश केवल घायल व्यापारी ने नहीं, पूरा शहर झेला है। प्रशासन से अपेक्षा है कि अपराधियों को अविलंब पकड़कर कानून का इकबाल बुलंद करे।”
उन्होंने दो टूक कहा—“न्याय में देर, अन्याय के बराबर है।”
“कमजोरियां उजागर, चार दिन बाद भी उद्भेदन नहीं”
आम आदमी पार्टी के राजाराम राय ने तीखे शब्दों में कहा कि अपराधियों की गतिविधियां बढ़ी हैं और जिला प्रशासन की कमजोरियां जनता के सामने आ चुकी हैं। “इस धरती पर आज तक गोलीबारी नहीं हुई थी—आज हुई। हमारे व्यापारी जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह निंदनीय है। चार दिन बाद भी उद्भेदन नहीं होना बेहद दुखद है।”
उन्होंने कहा—“अब ‘सब ठीक है’ का भ्रम नहीं चलेगा।”
“उद्भेदन ही प्रायश्चित”
कांग्रेस नेता नंद किशोर सिंह ने कहा कि हालिया लूट और गोलीकांड से पूरे जिले में दहशत फैल गई है। “लोग भय के साये में जीने को विवश हैं। यदि पुलिस समय पर उद्भेदन नहीं कर पाती तो आने वाला समय ‘भगवान भरोसे’ होगा।”
उन्होंने स्पष्ट कहा—“अगर प्रशासन को नागरिकों के बीच विश्वास जगाना है तो दिन-रात एक करना होगा। कलंक मिटाना है तो—उद्भेदन ही प्रायश्चित है।”
“अपराधियों के खिलाफ सख्ती, पुलिस का हौसला जरूरी”
बैठक में वक्ताओं ने जहां अपराधियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की, वहीं पुलिस की तत्परता की सराहना भी की गई। मंच से एसपी राजकुमार मेहता के उस कथन का उल्लेख किया गया—“यह गोली मेरे सीने में लगी है”—जिसे पुलिस की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का प्रतीक बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि “जब कप्तान खुद चोट को अपने सीने से जोड़ता है, तब सिपाही भी दोगुने हौसले से मैदान में उतरता है।” जांच में जुटी पुलिस का मनोबल बढ़ाने से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
“अब नारे नहीं, नतीजे चाहिए”
बैठक के अंत में नागरिक मंच ने चेताया—“अपराध पर जीरो टॉलरेंस ही जामताड़ा की पहचान लौटाएगा।”
संदेश साफ है—“शहर की शांति से खिलवाड़ करने वालों के लिए जामताड़ा में कोई जगह नहीं।”
नागरिक मंच ने प्रशासन से पारदर्शी जांच, त्वरित उद्भेदन और कठोर कार्रवाई की मांग दोहराते हुए कहा कि “डर नहीं, कानून बोले—यही समय की मांग है।”
NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

