जामताड़ा पुलिस की साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, तीन शातिर गिरफ्तार, नकद व डिजिटल सामान बरामद…

जामताड़ा पुलिस की साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, तीन शातिर गिरफ्तार, नकद व डिजिटल सामान बरामद…

जामताड़ा(JAMTADA):जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के विरुद्ध पुलिस द्वारा एक और बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस अधीक्षक को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केन्दुआटाँढ़ स्थित ढंगाल (जंगल-झाड़ी) में एक विशेष छापामारी अभियान चलाया गया, जिसमें तीन साइबर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

छापामारी का नेतृत्व: रणनीतिक कार्रवाई

इस अभियान का नेतृत्व पु०नि० अब्दुल रहमान ने किया, जिनके साथ पु०अ०नि० बिनोद सिंह, स०अ०नि० स्टेनली हेम्ब्रम तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। सूचना के मुताबिक, उक्त क्षेत्र के जंगल में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ चल रही थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए तत्काल छापामारी की योजना बनाई गई।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

इस कार्रवाई में गिरफ्तार तीन साइबर अपराधियों की पहचान निम्न रूप में हुई है:

  1. देवबत सिंह, उम्र 24 वर्ष
    पिता – बीरबल सिंह
    मूल निवासी – ग्राम सिंगारपुर, थाना कुण्डहित
    वर्तमान पता – ग्राम सतसाल, थाना जामताड़ा
  2. सजय दास, उम्र 25 वर्ष
    पिता – दशस्थ दास
    निवासी – ग्राम पोस्ता, थाना नारायणपुर
  3. पयु मंडल, उम्र 24 वर्ष
    पिता – महेन्द्र मंडल
    निवासी – ग्राम काशीटीड, थाना करमाटाँड

तीनों अभियुक्त जिला जामताड़ा के निवासी हैं और एक संगठित साइबर नेटवर्क का हिस्सा माने जा रहे हैं।

बरामद सामग्री:

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से निम्न सामान जब्त किया:

  • मोबाइल फोन – 10
  • सिम कार्ड – 12
  • आधार कार्ड – 01 (फर्जी)
  • नकद राशि – ₹59,000

अपराध की कार्यप्रणाली: डिजिटल ठगी का नया पैटर्न

गिरफ्तार साइबर अपराधी डिजिटल धोखाधड़ी की एक नई शैली में सक्रिय थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग Ease MyDeal नामक एप्लिकेशन का उपयोग कर PhonePe के माध्यम से ग्राहकों को ₹2000 तक का नकली ‘कैशबैक’ संदेश भेजते थे।

जैसे ही कोई ग्राहक मैसेज को ‘एक्सेप्ट’ करता, उसका पैसा EaseMyDeal एप पर ट्रांसफर हो जाता। इसके बाद आरोपी उस पैसे से गिफ्ट कार्ड्स खरीदते और उन्हें ऑनलाइन अथवा कमीशन पर बेच देते थे।

अपराध क्षेत्र का विस्तार:

यह साइबर गैंग सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं था। इनकी ठगी का नेटवर्क बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब तक फैला हुआ था। ये सोशल मीडिया, फोन कॉल और ऐप-आधारित मैसेजिंग के ज़रिए देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे।

कानूनी कार्रवाई:

इस घटना के संबंध में जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 33/25 दिनांक 30.04.2025 को दर्ज किया गया है। अभियुक्तों पर निम्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है:

  • भारतीय दंड संहिता की धाराएँ: 111(2)(b), 317(2), 317(5), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 3(5) बी.एन.5 2023
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम: 66(B), 66(C), 66(D) IT Act

गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

जामताड़ा साइबर सेल की सतर्कता प्रशंसनीय:

जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध का गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में साइबर अपराध थाना द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल साहसिक है, बल्कि यह जिले में बढ़ते डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारियों और जवानों की तत्परता एवं रणनीतिक सूझबूझ की सराहना की है। साथ ही आम जनता से आग्रह किया है कि वे अनजान लिंक, मैसेज या कॉल के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

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